जिले के कई ग्राम पंचायतों में बेंचों को लगाने के नाम पर लाखों रुपये रुपये ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान डकार गए हैं। इसका खुलासा अधिकारियों की जांच में हुआ है। डीएम चंद्र विजय सिंह के निर्देश पर पंचायती राज विभाग ने करीब 51 सचिवों और कई ग्राम प्रधानों नोटिस जारी कर नियमों को दरकिनार कर निकाले गए धन को जमा करने का निर्देश दिया है। नोटिस जारी होते ही सरकारी धन का बंदरबांट करने वालों में हड़कंप मच गया है।
जिले के दस विकास खंड क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों में सीमेंटेड बेंच लगाया गया है। बेंच लगाने के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट करने की शिकायत की जांच कर चुके अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी है। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में बेंच को लगाने में गड़बड़ी पाई है। कई ग्राम पंचायतों में कम बेंचों को लगाकर अधिक का भुगतान लिया गया है। वहीं कई ग्राम पंचायतों में महंगे दर पर बेंच की खरीद की है। उच्चाधिकारियों के मना करने के बाद भी कई सेक्रेट्री और ग्राम प्रधानों ने बेंचों की आपूर्ति करने वाली फर्मों को भुगतान कर दिया। जांच पूरी होने के बाद उच्चाधिकारियों ने संबंधित सेक्रेट्री और ग्राम प्रधानों से सरकारी धन की रिकवरी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार करने वाले सेक्रेट्री और ग्राम प्रधानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
बेंच घोटाले में जांच रिपोर्ट के आधार पर 70 से अधिक सचिव व ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी की गई है। निर्धारित समय सीमा के भीतर रिकवरी की धनराशि जमा न करने और संतोषजनक जवाब न देने वालों के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अमित पाल शर्मा, सीडीओ।