चार महीने से बकाया मानदेय न मिलने से नाराज मनरेगा कर्मचारियों ने मंगलवार को कलेक्टरेट पर प्रदर्शन किया। डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र भुगतान की मांग की। ऐसा न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी।
मनरेगा कर्मचारी महासंघ के कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर अपनी मांग रखी। इसके साथ ही समस्याओं के निदान की बात कही। जिलाध्यक्ष विनय पाण्डेय के नेतृत्व में मनरेगा कर्मचारियों ने ज्ञापन में कहा कि दीपावली और छठ पूजा जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों पर भी उन्हें मानदेय न मिल पाने से उत्सव का माहौल फीका रहा। कर्मचारियों का कहना है कि मानदेय न मिलने के कारण उन्हें बच्चों की फीस, माता-पिता की दवा और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
आर्थिक तंगी के कारण मनरेगा कर्मचारी भूखमरी की स्थिति में आ गए हैं। कार्यालय आने-जाने में भी उन्हें कठिनाई हो रही है, जबकि कार्य को लेकर शासन का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि 2015 से कर्मचारियों का ईपीएफ काटा जा रहा है, लेकिन अभी तक यह राशि पूरी तरह से खातों में जमा नहीं की गई है। इससे दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारियों के परिवार को लाभ से वंचित रहना पड़ता है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ रही है। मनरेगा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विनय मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कलम बंद हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे।