वैनी। मुख्यमंत्री के आह्वान पर नगवां सीएचसी को सदर विधायक ने दो वर्ष पहले गोद लिया था। तब उम्मीद की गई थी कि इस सीएचसी की बदहाली दूर होगी। दो साल बाद भी व्यवस्था जस की तस है। न तो भवन सुदृढ़ हो पाया है और न ही सेवाओं में कोई सुधार हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को यहां से नाउम्मीद होकर जिला अस्पताल या निजी केंद्रों की ओर जाना पड़ रहा है।
ब्लाॅक स्तरीय इस सीएचसी पर पांच डॉक्टरों के पद हैं, मगर सिर्फ तीन की तैनाती है। फार्मासिस्ट भी दो के सापेक्ष सिर्फ एक हैं। पांच स्टाफ नर्स और एक वार्ड ब्वाय की नियुक्ति है। कोई भी विशेषज्ञ डॉक्टर यहां नहीं है। अस्पताल में सर्जन नहीं हैं और न ही हड्डी रोग विशेषज्ञ।
ऐसे में छोटे-मोटी चोट लगने पर भी मरीजों को सीधे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। कहने के लिए अस्पताल में 30 बेड हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में ही यहां मरीजाें को भर्ती नहीं किया जाता। इमरजेंसी में दवा करके ही छोड़ दिया जाता है। जांच के नाम पर टाइफाइड, मलेरिया, शुगर की ही जांच हो पाती है। ब्लॉक का सबसे बड़ा अस्पताल होने के बावजूद ब्लड और यूरिन जांच की सुविधा नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे भी नहीं होता। एक्सरे मशीन जरूर है, लेकिन टेक्नीशियन के अभाव में बंद है। स्वास्थ्य केंद्र पर दांत चिकित्सक हैं, मगर दंत उपचार से संबंधित कोई यहां पर उपकरण नहीं है। अस्पताल में 30 बेड सिर्फ कागज पर हैं। मौके पर सिर्फ इमरजेंसी में दो बेड हैं। अन्य बेड का पता नहीं। दुर्व्यवस्थाओं को दूर कराने के लिए विभागीय स्तर पर कई बार पत्राचार हुआ, मगर पैरवी के अभाव में समस्याएं हल नहीं हो पाई हैं। नतीजा यहां आने वाले मरीजों को रेफर करना मजबूरी होती है।
जर्जर आवासों की टपकती है छत
अस्पताल के डॉक्टर-कर्मचारियों के रहने के लिए परिसर में बने आवासों की हालत खस्ता है। बारिश होते ही छत टपकने लगती है। आवासीय परिसर में पानी भर जाता है। आवासों की जर्जर हालत के चलते डाॅक्टर-कर्मचारी इसमें रहने से कतराते हैं। हर वक्त खतरे का अंदेशा बना रहता है।
अस्पताल में स्टाफ व संसाधनों की कमी के बारे में समय-समय पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाता है। उपलब्ध संसाधनों के आधार पर बेहतर सेवा देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. रोहित सिंह, प्रभारी अधीक्षक, नगवां सीएचसी।
नगवां सीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत वहां कई संसाधन उपलब्ध भी कराए गए हैं। आगे भी जो जरूरत है, उसे प्राथमिकता से मुहैया कराने का प्रयास होगा। -भूपेश चौबे, सदर विधायक।