शक्तिनगर। खनिजों के परिवहन की निगरानी अब रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिये शुरू कर दी गई है। इसके लिए यूपी बॉर्डर पर मध्य प्रदेश के हिस्से (खनहना) सहित सिंगरौली में तीन ई-चेक गेटों को सक्रिय कर दिया गया है। पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में इस तरह के 40 ई-चेक गेट क्रियाशील किए गए हैं। पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश के बीच अवैध खनिज परिवहन की लगातार बढ़ती घटनाओं के दृष्टिगत यह कदम मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित संशोधित अधिसूचना के तहत उठाया गया है।
सिंगरौली की खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने बताया कि इन ई-चेक गेटों के माध्यम से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की ऑनलाइन निगरानी शुरू कर दी गई है। यह प्रक्रिया मानव रहित प्रणाली है तथा इसमें खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की पूरी तरह सतत निगरानी संभव है। उन्होंने बताया कि खनिज परिवहन करने वाले सभी वाहनों पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टैग लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह टैग वाहन के फ्रंट विंडशील्ड पर लगाया जाएगा। इससे ई-चेक गेट से होकर खनिज परिवहन करने वाले प्रत्येक वाहन की संपूर्ण जानकारी ई-चेक गेट के सिस्टम में स्वतः दर्ज हो जाएगी। जिला खनिज अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी अनुसार खनिज नियमों में संशोधन के बाद डीएम के आदेश पर यह कदम उठाए गए हैं। सिस्टम द्वारा ओवरलोड, बिना ई-टीपी के तथा अन्य किसी भी प्रकार की अनियमितता कर खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की जानकारी प्राप्त होगी। इससे संबंधित वाहनों पर तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी।