सोनभद्र। मेडिकल कॉलेज में शनिवार से नई व्यवस्था प्रभावी कर दी गई। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकीय फैकल्टी की प्रशासनिक जिम्मेदारी जहां सीएमएस डीके सिंह को सौंपने के साथ ही उनके जरिये चिकित्सा व्यवस्था की निगरानी शुरू करा दी गई। मरीजों की सुविधाओं का ख्याल रखने के साथ ही चिकित्सकीय व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए प्रत्येक ब्लाक में तैनात किए गए नोडल डॉक्टरों ने भी अपना दायित्व संभालते हुए कामकाज शुरू कर दिया।
बताते चलें कि इससे पहले चिकित्सकीय फैकल्टी की जिम्मेदारी उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तपन मंडल को सौंपी गई थी लेकिन पिछले कई महीने से उनके कामकाज को लेकर डॉक्टरों और चिकित्सकीय स्टाफ में असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। लगातार शिकायत और असंतोष को देखते हुए शुक्रवार को प्राचार्य ने प्रबंधन कमेटी, डॉक्टर और प्रमुख चिकित्सकीय स्टॉफ के साथ बैठक की। इस दौरान लिए गए निर्णय के क्रम में डा. तपन मंडल से प्रशासनिक अधिकार हटाते हुए उन्हें उनके मूल पद (एसोसिएट प्रोफेसर कम्युनिटी मेडिसिन) पर भेज दिया गया। अब चिकित्सा फैकल्टी की पूरी प्रशासनिक जिम्मेदारी सीएमएस (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक) की होगी।
कुछ इस तरह सौंपी गई ब्लॉकवार जिम्मेदारी
ब्लाक ए (पुराना जिला चिकित्सालय भवन) के नोडल की जिम्मेदारी स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुक्ता सिंह को सौंपी गई है। ब्लाक बी (एलटू भवन) का नोडल अस्थि रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अवनीश कुमार शाह और ब्लाक सी (दंत चिकित्सा और पैथालॉजी सेवा से जुड़ी नई बिल्डिंग) के नोडल का दायित्व दंत रोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. ज्योति अग्रवाल को सौंप दिया गया है। निर्देश दिया गया है कि तीनों नोडल मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के निर्देश में चिकित्सालय प्रबंधन व संचालन का दायित्व संभालेंगे। साथ ही उन्हें रिपोर्ट करेंगे। शनिवार को इसके लिए एक दूसरे से वार्ता कर जिम्मेदारियां समझाई गईं और व्यवस्था के बेहतर संचालन के लिए जरूरी निर्देश दिए गए।
मेडिकल कॉलेज में शनिवार से चिकित्सकीय प्रबंधन एवं संचालन की नई व्यवस्था प्रभावी कर दी गई है। सीएमएस से कहा गया है कि वह व्यवस्था पर पूरी तरह निगरानी बनाए रखें। वहीं नोडल की जिम्मेदारी संभालने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर के निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने ब्लाक में सीएमएस के निर्देशन में चिकित्सकीय व्यवस्था बेहतर बनाए रखें। स्थिति की उन्हें भी जानकारी देते रहें। कहां किस तरह की दिक्कत है, व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किन-किन बिंदुओं पर कार्य की जरूरत है, इससे अवगत कराते रहेंं। - प्रो. आनंद कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।