उन्होंने कहा कि खनन माफिया और सत्ता पक्ष के नेता मिलीभगत से अवैध खदानें चला रहे हैं। मजदूरों के जीवन की कोई कीमत नहीं बची। यह दुर्घटना नहीं बल्कि यह एक सुनियोजित हत्या है। इसके जिम्मेदार किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए।
मांग किया कि सोनभद्र की सभी खदानों का तत्काल ऑडिट कराया जाए। मानक के विपरीत और अवैध रूप से संचालित सभी खदानों को बंद कर जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाए। खनन में काम कर रहे मजदूरों का इंश्योरेंस, सुरक्षा उपकरण और जिम्मेदारी तय की जाए। अवैध खनन हादसे को धारा अनुसार गंभीर अपराध मानकर दोषियों पर हत्या तक की धाराएं लगाई जाएं। चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश की तो कांग्रेस सड़क से सदन तक लड़ाई को बाध्य होगी।
इस दौरान कांग्रेस एससी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर एवं पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी, जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड, शहर अध्यक्ष हाजी फरीद अहमद, पूर्व अध्यक्ष राजीव त्रिपाठी, कोऑर्डिनेटर राजीव गौतम, राजेश द्विवेदी, विनोद तिवारी, बृजेश तिवारी, सेतराम केसरी, हरदेव नारायण तिवारी, उषा चौबे, शशांक मिश्रा, कौशलेश पाठक आदि मौजूद रहे।