फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शादी का वादा टूटने मात्र से दुष्कर्म का अपराध नहीं : अदालत

विज्ञापन
विज्ञापन
शादी का वादा पूरा न होने मात्र से दुष्कर्म का अपराध नहीं बनता। अभियोजन पक्ष आरोपी की शुरुआत से ही शादी का झूठा वादा करने की नीयत और जबरन शारीरिक संबंध बनाए जाने का आरोप ठोस साक्ष्यों से साबित नहीं कर सका। इस आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी)/सीएडब्ल्यू विपिन कुमार-तृतीय की अदालत ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए पिपरी थाना क्षेत्र के मामले में आरोपी अभय प्रकाश यादव को दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन

अभियोजन के अनुसार युवती की वर्ष 2016 में अभय से दोस्ती हुई थी। बाद में दोनों के बीच शादी की बात चली, लेकिन आरोपी के परिवार की ओर से शादी को लेकर टालमटोल की गई। युवती ने आरोप लगाया था कि शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। बाद में शादी से इन्कार करने पर मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और अश्लील फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप लगाया गया था। अदालत ने पाया कि पीड़िता के बयानों में महत्वपूर्ण विरोधाभास है। शुरुआती शिकायत में छेड़खानी, मारपीट और धमकी का उल्लेख था, जबकि बाद में दुष्कर्म की घटना बताई गई। विवेचना में कथित दुष्कर्म स्थल का नक्शा भी नहीं बनाया गया। होटल कर्मचारियों के बयान, वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री भी पेश नहीं की गई। सोशल मीडिया पर अश्लील फोटो वायरल करने का आरोप भी साबित नहीं हो सका। अदालत ने कहा कि संबंधित मोबाइल फोन पेश नहीं किया गया और फेसबुक आईडी का आरोपी से संबंध भी प्रमाणित नहीं हुआ। अदालत ने माना कि अभियोजन के साक्ष्य दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें