शक्तिनगर। एनसीएल खड़िया कोयला क्षेत्र में अधिभार (ओबी) हटाने का कार्य करने वाली कंपनी में क्षेत्रीय बेरोजगारों के समायोजन के मुद्दे पर सोनांचल संघर्ष वाहिनी (सोसंवा) के पदयात्रा को इजाजत नहीं मिली। त्रिपक्षीय वार्ता के जरिए समाधान का प्रस्ताव जरूर दिया गया है। अब सोसंवा निर्धारित तिथि पर डीएम को ज्ञापन सौंपेगी।
परियोजना विस्थापितों, प्रभावितों और स्थानीय बेरोजगारों को खड़िया कोयला परियोजना में काम कर रही निजी कंपनी कलिंगा कामर्शियल कार्पोरेशन में संविदा आधार पर नियमानुसार नौकरी देने के सवाल पर सोनांचल संघर्ष वाहिनी ने 30 अप्रैल को पदयात्रा के बाद एनसीएल खड़िया कोयला परियोजना के जीएम को ज्ञापन देने का एलान किया था। इसी के लिए सोनांचल संघर्ष वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रशासन से अनुमति मांगी थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट रोशन लाल यादव ने इस मसले पर सोमवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि एसपी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र खड़िया कोयला परियोजना में पदयात्रा और ज्ञापन सौंपने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने डीएम को ज्ञापन दिए जाने की बात कही। बताया कि ज्ञापन देने के बाद एनसीएल खड़िया कोयला परियोजना प्रबंधन और निजी कंपनी कलिंगा प्रबंधन की वार्ता सोनांचल संघर्ष वाहिनी दल के साथ डीएम की अगुआई में शीघ्र कराकर इस मामले का निस्तारण कराया जाएगा। ऐसी स्थिति में सोनांचल संघर्ष वाहिनी ने पदयात्रा कर ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। अब 30 अप्रैल को सुबह 10 बजे डीएम को ज्ञापन देकर कलिंगा कंपनी के भर्ती घोटाले मामले में जांच कराने और नियमानुसार भर्ती किए जाने की मांग की जाएगी।