सोनभद्र। सदर तहसील के बिल्ली-मारकुंडी के कई पट्टेधारकों ने कृषि कार्य के लिए मिली पट्टे की जमीन को बेच दिया है। कई लोगे पट्टे की जमीन खरीद कर उस पर क्रशर प्लांट संचालित कर रहे हैं। क्षेत्रीय लेखपाल ने एडीएम को जांच रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
गत माह पकरी गांव निवासी नोहर ने एडीएम को शिकायती पत्र देकर कहा था कि बिल्ली-मारकुंडी के कई पट्टेधारकों ने अपनी जमीन बेच दी है। जबकि सरकार ने पट्टेधारकों को कृषि के लिए जमीन दी थी। यह भी आरोप लगाया कि कई लोगों ने पट्टे की जमीन खरीद कर उसका खनन पट्टा करवा कर खनन कार्य करा रहे हैं। जबकि पट्टे की जमीन पर कृषि के अलावा अन्य कोई कार्य नहीं कराया जा सकता है। पट्टेधारकों को पट्टे की जमीन विक्रय करने का अधिकार नहीं है। एडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय लेखपाल को जांच कर रिपोर्ट मुहैया कराने का आदेश दिया था। लेखपाल ने जांच की तो शिकायत सही निकली। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट के अनुसार कई पट्टाधारक काश्तकारों ने पट्टे की जमीन उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 में दिए गए प्राविधान के विरूद्घ बेचा है जबकि सरकारी पट्टेधारकों को भूमि बेचने का अधिकार नहीं है। लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। उधर, इसकी जानकारी होने पर पट्टे की जमीन खरीदने और बेचने वालों में खलबली मची है।