सोनभद्र/बभनी। आदिवासी और गरीब तबके के युवक-युवतियों को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले वाराणसी के गिरोह के बारे में कई जानकारियां सामने आई हैं। पीड़ितों का दावा है कि वाराणसी का मनीष गिरोह का मास्टर माइंड है।
बभनी थाने में दर्ज प्राथमिकी में सगे भाई-बहन सहित पांच पीड़ितों ने जिक्र किया है कि एमएस काशी हार्बोना एसोसिएट में नौकरी दिलाने के लिए उन्हें मनीष सिंह ने बनारस बुलाया था। जब वहां पहुंची तो कुछ लड़कियां पहले से बंधक जैसी हालत में थीं। वे कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं थीं। उनका भी मोबाइल जमा करा लिया गया था। पहले नौकरी के लिए शुल्क के नाम पर घर से रुपये मंगाए गए। इसके बाद उनके दो-दो परिचितों के नाम रजिस्टर में नोट किया जाने लगा। इसके बदले 24 घंटे में एक बार महज पांच मिनट के लिए बात करने की इजाजत मिलती थी। उस समय भी वहां गिरोह का कोई व्यक्ति खड़ा रहता था। कुछ भी बताने के लिए मना किया जाता था। इसके बाद मोबाइल जमा कर लिया जाता था। पीड़ितों का दावा है कि किसी तरह वे वहां से भागे। कुछ दिन बाद मनीष कुमार के नंबर पर फोन कर रुपये मांगे गए तो धमकियां दी जाने लगीं। प्रभारी निरीक्षक डीपी यादव के मुताबिक प्राथमिकी दर्ज दर्ज कर आगे की जांच के लिए प्रकरण से जुड़ी पूरी जानकारी वाराणसी के लंका थाने को भेज दी गई है।