म्योरपुर। रोजगार अधिकार अभियान के तत्वावधान में रासपहरी में बैठक हुई। इसमें रोजगार अधिकार अभियान को घर-घर तक पहुंचाने की योजना बनाई गई।
वक्ताओं ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनपद का ऋण जमा अनुपात बेहद खराब है। यहां आम जनता की बैंकों में जमा पूंजी का दो तिहाई हिस्सा दूसरे प्रदेशों में जा रहा है। इसके कारण इस क्षेत्र में गरीबी, कुपोषण और बेरोजगारी है। इस पैसे में से स्टार्टअप के लिए नौजवानों को 10 लाख तक अनुदान देने, महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण देने, खेती-किसानी, लघु कुटीर उद्योग पर खर्च करने पर यहां पर रोजगार का सृजन हो सकता है।
वक्ताओं ने कहा कि प्रदूषित पानी पीने के कारण लोगों की जान पर खतरा रहता है। सरकारी अस्पतालों का हाल ठीक नहीं है। सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज, जांच और दवा की सुविधा, विशेषज्ञ डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति, मोबाइल चिकित्सालय चलाने, तीन गांवों के बीच एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मांग को भी अभियान में उठाया जाएगा।
संचालन युवा मंच की जिला संयोजक सविता गोंड किया। इस मौके पर युवा मंच की जिलाध्यक्ष रूबी सिंह गोंड, राजकुमारी गोंड, एआईपीएफ के जिला संयोजक कृपा शंकर पनिका, जुगनू सिंह, विजय पनिका आदि रहे।