मगर मुझे कागज में मृत बताकर दिव्यांग पेंशन बंद कर दी है। चार साल से पेंशन पाने के लिए भटक रहा हूं, लेकिन विभाग जिंदा होने का कागजी सबूत मांग रहा है।
शनिवार को रॉबर्ट्सगंज तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस पर बहुअरा गांव के दिव्यांग अशोक कुमार की यह गुहार सुनकर हर कोई सकते में आ गया। सीडीओ जागृति अवस्थी ने पूरे मामले की जांच कराकर पेंशन बहाल करने का आश्वासन दिया।
फरियादी अशोक कुमार ने बताया कि मशीन से हाथ कटने के कारण वह दिव्यांग हो गया था। कोरोना काल तक उसे पेंशन मिलती रही। दिव्यांगता से ग्रसित उसके छोटे भाई की मौत हो गई।
काफी दिनों तक पेंशन न आने पर उसने संपर्क किया तो पता चला कि सत्यापन में उसे मृतक बताया गया है। दोबारा पेंशन चालू करने के लिए लिखित साक्ष्य मांगा जा रहा है। तब से वह भटक रहा है।
संपूर्ण समाधान दिवस में करमा ब्लॉक के मुबारकपुर निवासी बलिराम मौर्य ने बताया कि नक्शे में उसकी बस्ती तक जाने के लिए सड़क बनी हुई है, जबकि मौके पर अब तक सड़क नहीं बनी है।
रॉबर्ट्सगंज के वार्ड नंबर एक निवासी चंद्रबली ने साफ-सफाई न होने और गंदगी से मच्छरों के प्रकोप की शिकायत की। राजपुर निवासी जगदीश, दीनानाथ, रमेश विश्वकर्मा आदि ने बताया कि गांव में श्मशान घाट जाने वाले मार्ग पर एक व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है।
इससे ग्रामीण वहां नहीं पहुंच पा रहे। उन्हें अन्यत्र शवदाह के लिए जाना पड़ता है। रॉबर्ट्सगंज में कुल 217 शिकायतें आईं। इसमें 21 मामले निस्तारित हुए।
अन्य 196 प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने के निर्देश सीडीओ ने दिए। इस मौके पर एएसपी अनिल कुमार, एसडीएम उत्कर्ष द्विवेदी, सीओ सदर रणधीर मिश्र, तहसीलदार अमित कुमार आदि मौजूद रहे।
रेलवे की ओर से जबरन जमीन लेने का आरोप
मझिगवां गांव से पहुंची महिलाओं ने चोपन-चुनार रेल लाइन के दोहरीकरण के दौरान बेदखल किए जाने की शिकायत की। गांव की फुलेसरी, हीरावती, गुड्डी, अमरावती, पार्वती आदि ने बताया कि वह कई पीढ़ी से वहां बसे हुए हैं। उनके पास कहीं और कोई जमीन भी नहीं है। अब उन्हें सरकारी भूमि पर कब्जा बताकर हटाया जा रहा है। मजदूरी कर भरण पोषण करते हैं। आशियाना छीनेगा तो वह कहां जाएंगे। संवाद