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मानसून के दस्तक से प्रदेश में बिजली की मांग घटी

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अनपरा। मानसून के दस्तक के साथ प्रदेश में बिजली की डिमांड में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बिजलीघरों के उत्पादन पर लॉकडाउन के बाद मौसम की मार भी भारी पड़ रही है। जिससे अनपरा, ओबरा सहित अन्य परियोजनाओ से थर्मल बैंकिंग बदस्तूर जारी है।
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यूपीएसएलडीसी के अनुसार बीते साल मई में बिजली की रोजाना औसत खपत 408.2 मिलियन यूनिट थी लेकिन इस बार लॉक डाउन से बाजार और उद्योग बंद होने के साथ ही मौसम में आये भारी बदलाव से बिजली की रोजाना 269.4 मिलियन यूनिट तक ही सीमित रह गयी है। बीते 24 घंटो के दौरान आंधी तूफान से वितरण और ट्रांसमिशन लाइनों की खराबी के कारण बिजली खपत गिर कर अब तक के न्यूनतम स्तर पर पहुच गयी हैं। सोमवार को प्रदेश में बिजली की डिमांड 11426 मेगावाट के आसपास रही जबकि मई और जून के महीने में बिजली की सर्वाधिक डिमांड बनी रहती हैं। डिमांड घटने से अनपरा तापीय परियोजना के 210 मेगावाट की तीन इकाइयों से 630 मेगावाट के सापेक्ष 333 मेगावाट का उत्पादन किया जा रहा था। 500 मेगावाट की चौथी व पाँचवी इकाई से 1000 मेगावाट के सापेक्ष 865 मेगावाट विधुत उत्पादन किया जा रहा था जबकि अनपरा डी की 500 मेगावाट की छठवी इकाई से 310 मेगावाट,लैंको अनपरा सी परियोजना की 600 मेगावाट की दोनो इकाइयों से 595 मेगावाट का विधुत उत्पादन किया जा रहा था। हरदुआगंज डी की यूनिट नम्बर 8 और 9 से 500 मेगावाट के सापेक्ष 256 मेगावाट लोड पर ही मशीन को चलाया जा रहा था। जबकि ओबरा बी की 11 व 12 नम्बर यूनिट से 400 मेगावाट के सापेक्ष 207 मेगावाट विधुत उत्पादन किया जा रहा था। परीक्षा सी की की यूनिट नम्बर 5 और 6 से 500 मेगावाट के सापेक्ष 280 मेगावाट ही उत्पादन किया जा रहा था यही हाल अन्य परियोजनाओं की इकाइयों के भी जो डिमांड की वजह से कम लोड पर चल रही है
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