पिपरी उपखंड के एसडीओ धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि नया सॉफ्टवेयर पिछले तीन माह की बिजली खपत के आधार पर स्वतः लोड बढ़ाता है। एक बार लोड बढ़ने के बाद वह स्थायी रूप से दर्ज हो जाता है। यदि कोई उपभोक्ता लोड कम कराना चाहता है तो उसे बिजली निगम के कार्यालय में आवेदन करना होगा। नियमानुसार लोड बढ़ने पर प्रोसेसिंग शुल्क और सिक्योरिटी राशि भी बढ़ जाती है।
अधिकारी बोले
यदि किसी उपभोक्ता की बिजली खपत लगातार तय लोड से अधिक रहती है तो सिस्टम स्वतः उसके कनेक्शन का लोड बढ़ा देता है। रॉबर्ट्सगंज डिवीजन में अब तक 17,615 उपभोक्ताओं का लोड बढ़ चुका है। - इं. ओपी गुप्ता, अधिशासी अभियंता, रॉबर्ट्सगंज डिवीजन
पिपरी डिवीजन में भी हजारों उपभोक्ताओं का लोड बढ़ा है। यह व्यवस्था इसी माह से लागू हुई है। लोड कम कराने के लिए उपभोक्ता को निगम कार्यालय में आवेदन करना होगा। -धीरेंद्र प्रताप, एसडीओ, पिपरी उपखंड