साढ़े आठ वर्ष पूर्व आर्केस्ट्रा देखने गई किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सोनभद्र पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 1.75 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। कोर्ट ने विवेचना में लापरवाही पर विवेचक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए डीजीपी को पत्र भेजा है। अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़ित पक्ष को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक घोरावल कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने 10 मई 2013 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि नौ मई 2013 को गांव में आई बरात में आर्केस्ट्रा आया था। उसकी बेटी (14) आर्केस्ट्रा देखने गई थी। अज्ञात लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान तीन लोगों का नाम प्रकाश में आया था। इसमें आरोपी मानवेंद्र सिंह उर्फ करिया सिंह की मौत हो गई, जबकि घोरावल कोतवाली क्षेत्र के दो अन्य आरोपी संतोष गुप्ता और श्यामू यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर संतोष गुप्ता और श्यामू यादव को उम्रकैद और प्रत्येक को एक लाख 75 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। लापरवाह विवेचक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पुलिस महानिदेशक लखनऊ को पत्रक भेजा है। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि तीन लाख 50 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश अग्रहरि और सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।