सोनभद्र। कोरोना संक्रमितों के इलाज के नाम पर कई निजी अस्पतालों द्वारा मनमाना धन की वसूली की जा रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए डीएम अभिषेक सिंह ने जिले के नौ प्राइवेट कोविड अस्पतालों की प्रत्येक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक-एक सेक्टर प्रभारी तैनात कर दिए हैं। सेक्टर प्रभारी रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। जांच में धन वसूली की शिकायत सही मिलती है तो तत्काल प्रभाव से अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
कोरोना की दूसरी लहर से लोगों को बचाने के लिए जिला प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। जिला अस्पताल परिसर में तीन सौ बेड का कोविड अस्पताल संचालित हो रहा है। इसके अलावा प्रशासन ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए धनवंतरि हास्पिटल एनटीपीसी रिहंद, हिंडाल्को हॉस्पिटल रेणुकूट, संजीवनी हॉस्पिटल एनटीपीसी शक्तिनगर, जीवन ज्योति क्रिश्चिन हॉस्पिटल राबर्ट्सगंज, कीर्ति पाली हॉस्पिटल राबर्ट्सगंज, सोनभद्र मल्टी हॉस्पिटल उरमौरा, सांई हॉस्पिटल राबर्ट्सगंज, रेनु पावर हॉस्पिटल रेनुसागर और प्रभव हॉस्पिटल उरमौरा को अधिकृत किया है। निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए अलग वार्ड बने हैं। सूत्रों की मानें तो कई निजी अस्पताल संचालकों द्वारा कोरोना के मरीजों से उपचार के नाम पर मनमाना धन वसूल किया जा रहा है। इलाज के नाम पर जो धनराशि ले रहे उसकी रसीद नहीं दे रहे है। हालांकि अब अस्पताल संचालकों की मनमानी नहीं चलेगी। डीएम ने कोरोना मरीजों के उपचार के लिए अधिकृत नौ निजी अस्पतालों में सेक्टर प्रभारियों को तैनात कर दिया है। सेक्टर प्रभारी मरीजों को दी जाने सुविधाएं आदि की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को देंगे।
जिले के नौ प्राइवेट कोविड अस्पतालों की प्रत्येक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक-एक सेक्टर प्रभारी तैनात कर दिए गए है। सेक्टर प्रभारी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगे। जांच में धन वसूली की शिकायत सही मिलती है तो तत्काल प्रभाव से अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलधिकारी, सोनभद्र।