सोनभद्र। वाम मोर्चा व ट्रेड यूनियनों ने सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। साथ ही सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण पर रोक, पेट्रोलियम पदार्थों व रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर रोक, पुराने श्रम कानून को वापस लाने और किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की।
कम्युनिस्ट नेता आरके शर्मा ने कहा कि देश के बिगड़ते हालात की जिम्मेदार केंद्र में आसीन मोदी सरकार है जो सत्ता का विकेंद्रीकरण, केंद्रीयकरण करने के बजाय व्यवसायीकरण और निजीकरण कर आमादा है। देश की संपदा और सार्वजनिक क्षेत्रों का बेखौफ निजीकरण कर रही है और देश की संपत्ति को चंद कारपोरेट घरानों के हाथों में गिरवी रखती जा रही है। नंदलाल आर्या ने कहा आज देश के अंदर सरकार की गलत नीतियों के चलते अफरा तफरी का माहौल है। किसान, मजदूर, नौजवान परेशान है, उसके हक पर सीधे डाका डाला जा रहा है। विश्वंभर सिंह, अवधराज सिंह, सुरेंद्र पाल, योगेंद्र प्रसाद, हरदेव नारायण तिवारी, हरेंद्र पांडेय और शमीम अख्तर खान ने भी संबोधित किया। यहां राष्ट्रपति के नाम संबोधित आठ सूत्री मांग पत्र डीएम को सौंपा गया। इस दौरान अशोक कुमार कनौजिया, अमरनाथ सूर्य, प्रेमचंद गुप्ता, संजय रावत, गुलाब प्रसाद निडर, चंदन प्रसाद पासवान, रामरक्षा, मोहम्मद कलीम, मोहम्मद हनीफ, नजमा खातून, उमाशंकर यादव, शिव कुमार उपाध्याय, मुन्ना मलिक, बानी बनर्जी, अंबेलाल महतो, उज्जवल गांगुली, मुस्ताक अहमद, गणेश सिंह, हीरालाल भारती, उदय मालवीय मौजूद रहे।