घोरावल। आदिवासियों को पुश्तैनी जमीन से बेदखल करने, डीजल-पेट्रोल के बढ़ते मूल्य, महंगाई, मजदूरों व किसानों की समस्याओं को लेकर आईपीएफ एवं मजदूर किसान मंच ने सोमवार को घोरावल तहसील में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार सुरेश शुक्ला को सौंपा।
संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियंस के आह्वान पर आईपीएफ के जिला संयोजक कांता कोल, मजदूर किसान मंच के तहसील प्रभारी श्रीकांत सिंह व युवा मंच के तहसील अध्यक्ष सूरज कुमार कोल के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। ज्ञापन में कृषक उपज व्यापार, वाणिज्यिक संबंधों, सरलीकरण अधिनियम 2020 कृषक सशक्तिकरण, संरक्षण कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम 2020 को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। साथ ही विद्युत संशोधन अधिनियम 2021 को रद्द करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हर फसल की खरीद के लिए कानून बनाने, दुग्ध उत्पादन और सब्जियों का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने, कृषि लागत मूल्य आयोग को संवैधानिक दर्जा देने, छोटे मझोले किसानों की सहकारी खेती को मजबूत करने, किसानों के कर्ज माफ कर ब्याज मुक्त लोन देने, मुकदमे खत्म करने की मांग की। बैंक, बीमा, रेलवे, हवाई अड्डा, स्टेडियम, कोल इंडिया समेत देश के सार्वजनिक उद्योगों व प्राकृतिक संपदा का निजीकरण न किया जाए। मनरेगा को शहरी क्षेत्र में भी लागू करने, बकाया भुगतान करने की मांग की।