इलाहाबाद जिला कचहरी परिसर में बुधवार को वकील की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में गुरुवार को नाराज अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर विरोध-प्रदर्शन किया।
वकीलों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए कचहरी परिसर में जुलूस निकाला। दुद्धी में वकीलों ने तहसील तिराहे पर चक्काजाम कर दिया।
वकीलों के कार्य बहिष्कार की वजह से न्यायालय का कामकाज प्रभावित रहा और वादकारी परेशान रहे। कचहरी परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और पीएसी जवान भी मुस्तैद रहे।
सोनभद्र बार एसोसिएशन के महामंत्री अंशुमान सिंह ने कहा कि आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए और उसे बर्खास्त किया जाए।
उन्होंने इलाहाबाद के डीएम और एसएसपी का तबादला और मृतक अधिवक्ता के परिवारवालों को मुआवजा दिए जाने की मांग की।
पूर्व एसबीए अध्यक्ष राजबली चौबे और अमरनाथ मिश्र ने कहा कि जब वकील कचहरी परिसर में सुरक्षित नहीं हैं तो उनकी सुरक्षा की कैसे गारंटी मानी जाए।
कहा कि प्रदेश सरकार सिर्फ वकीलों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दूरभाष पर हुई बातचीत में एसबीए अध्यक्ष ओम प्रकाश पाठक ने कहा कि यूपी बार काउंसिल के निर्देश के अनुसार आंदोलन किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन करने वालों में राम सागर शर्मा, महेंद्र प्रसाद शुक्ल, ओपी तिवारी, ओपी राय, चंद्रप्रकाश चौबे, जीएस राय, डीके मौर्य, अतुल पटेल, मुनिराज शाह, नईम सिद्दिकी, पवन मिश्रा, पीए खान, एसए खान, राजीव गौतम शामिल रहे।
दुद्धी प्रतिनिधि के मुताबिक इलाहाबाद की घटना से नाराज वकीलों ने गुरुवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर कचहरी से जुलूस निकाल कर सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए बाजार का चक्रमण कर तहसील तिराहे पर चक्काजाम कर दिया।