केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के विरोध में राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग और सांकेतिक रेल चक्काजाम किया।
रेल रोकने के दौरान पुलिस और कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। कार्यकर्ताओं ने सभा कर दोनों सरकारों की नीतियों और कार्यक्रमों की आलोचना की। इस दौरान सदर एसडीएम राजेंद्र तिवारी को राष्ट्रपति के नाम 15 सूत्री मांगपत्र सौंपा गया।
राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन पर करीब सवा 11 बजे चोपन की ओर से चोपन-चुनार पैसेंजर पहुंची। यहां कांग्रेसजनों ने ट्रेन के सामने खड़े होकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस दौरान ट्रेन रोकने को लेकर कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। मामला बढ़ता देख शाहगंज एसओ गजानंद यादव ने हस्तक्षेप किया और कार्यकर्ताओं को समझाबुझा कर शांत कराया।
इसके बाद ट्रेन चुनार की ओर रवाना हो गई। यहां से कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए बढ़ौली चौक पहुंच कर चक्काजाम कर दिया।
करीब आधे घंटे बाद एसडीएम राजेंद्र तिवारी, सीओ सच्चिदानंद और कोतवाल रमाकांत पांडेय के समझाने पर कार्यकर्ताओं ने जाम समाप्त किया।
यहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष छोटेलाल चौरसिया ने कहा कि प्रदेश के किसान, मजदूर एवं आम जनता केंद्र एवं राज्य सरकार से त्रस्त है, इसलिए पार्टी द्वारा आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
प्रदेश उपाध्यक्ष भगवती चौधरी ने कहा कि दस माह गुजरने के बाद भी केंद्र सरकार ने एक भी चुनावी वायदों को पूरा नहीं किया।
प्रदेश महासचिव राजेश चौधरी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार जनता की आवाज दबाने का कार्य कर रही है। लेकिन पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।
इस मौके पर मधु राय, अनिल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, राजनारायण सिंह, ईश्वरी नारायण सिंह, जीतन आदि रहे। दुद्धी संवाददाता के अनुसार नगर मेें केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ कांग्रेसजनों ने जुलूस निकाला।
कहा कि केंद्र सरकार किसान विरोधी अध्यादेश को वापस लें। केंद्र सरकार जनविरोधी कार्य कर रही है। इस मौके पर वेद प्रकाश, प्रेमचंद्र गुप्ता, रमाशंकर यादव आदि रहे। म्योरपुर में भी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।