रौप में हैंड वासिंग डे पर हाथ धुलते डीएम एस राजलिंगम।
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सोनभद्र। ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे पर प्रदेश सरकार की ओर से चलाए गए हाथ धोना रोके कोरोना अभियान के तहत जिलाधिकारी एस. राजलिंगम, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा ने आदिवासी घसिया बस्ती रौंप पहुंच कर आदिवासी समाज के लोगों को हाथ धुलने के फायदे बताए। जिलाधिकारी ने कहा कि बार-बार साबुन से हाथ धुलने से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।
डीएम ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए बार-बार साबुन-पानी से हाथ को धोयें। सामाजिक दूरी बनाये रखें और मास्क लगायें। उन्होंने आदिवासी समाज लोगों को साबुन और मास्क वितरित किया। कहा कि आदिवासी समाज के लोग अपने बच्चों को जरूर पढ़ाएं। आदिवासी समाज के लोगों को स्थानीय रोजगार के लिए मनरेगा योजना के तहत काम दिया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम सदर डॉ. कृपाशंकर पांडेय, डीपीआरओ विशाल सिंह, एडीओ पंचायत अजय सिंह, डीपीसी किरन सिंह आदि मौजूद रहे। उधर बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने एसएसए कार्यालय परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय में ग्लोबल हैंडवाश डे पर हाथ की धुलाई की। विद्यालयों में शिक्षकों ने भी हाथ की धुलाई की। दुद्धी: गुलालझरिया प्राथमिक विद्यालय प्रांगण में छात्र-छात्राओं व ग्रामीणों में युवक मंगल दल के पदाधिकारियों ने ग्लोबल हैंडवाशिंग डे कार्यशाला का आयोजन किया। युवक मंगल दल के ब्लॉक अध्यक्ष त्रिभुवन यादव की अध्यक्षता में किया गए कार्यशाला में हाथ को साबुन व हैंडवाश से धोने से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी गई। हस दौरान राजनारायण, गुलाब यादव, अजय सिंह, उमाशंकर, सतीश कुमार, सुनील कुमार, आनंद कुमार, उमेश कुमार आदि मौजूद रहे।
दुद्धी। भाऊराव देवरस राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हाथ धुलाई कार्यक्रम का आयोजन हुआ। एनएसएस के दोनों कायक्रम अधिकारी आरजू सिंह और डॉ. विवेकानन्द के नेतृत्व में कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम अधिकारी आरजू सिंह ने हाथ धोने के सात तरीके बताए और स्वच्छता के महत्व को भी बताया। महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. रामसेवक सिंह यादव, डॉ. अजय कुमार, डॉ मिथिलेश कुमार गौतम उपस्थित रहे।