जिले में संचालित कस्तूरबा बालिका विद्यालयों की जांच शुरू हो गई है। एनजीओ से संचालित इन स्कूलों में सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे बालिकाओं को परेशानी झेलनी पड़ रही। इसकी शिकायत पर डीएम ने तीनों तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को जांच सौंपी है। गुरुवार को एसडीएम सदर कैलाश सिंह ने नंदना, जुगैल और रगरम में निरीक्षण किया जहां खामियां मिलीं।
जिले में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का संचालन स्वयं सेवी संस्थाएं कर रही हैं। अक्सर इन विद्यालयों में शिक्षा, भोजन, सफाई से लेकर अन्य समस्याएं रहती हैं। इसकी शिकायत भी समय-समय पर डीएम और बीएसए तक पहुंचती हैं। डीएम ने इसके लिए तीनों तहसीलों के उप िलाधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। गुरुवार को एसडीएम सदर कैलाश सिंह ने पहले कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नंदना का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने पाया कि शौचालय खराब पड़े हैं। कई दिनों से सफाई ही नहीं हुई है। छात्राओं को भोजन दिया जा रहा है, जिसमें गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि यहां साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। इसी तरह उन्होंने कस्तूरबा गांधी विद्यालय रगरम और जुगैल का भी निरीक्षण किया। कहा कि इन दोनों जगहों पर गंदगी पाई गई है। विद्यालय के जिम्मेदारों को इस पर पूरा ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है।