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लैंको का कोयला परिवहन रोका

Thu, 19 May 2016 10:33 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
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जिला पंचायत की वसूली से खफा होकर ट्रांसपोर्टरों द्वारा खड़िया में हाईवे पर खड़े किए गए ट्रक।
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हाइवे और कोल परियोजना क्षेत्र में हो रही जिला पंचायत की नियम विपरीत वसूली अब बिजली उत्पादन पर भी संकट का सबब बनने लगी है। इससे खफा ट्रांसपोर्टरों ने गुरुवार की शाम हाइवे और खड़िया कोल खदान की तरफ जाने वाले रास्तों के किनारे वाहन खड़े कर दिए। इससे एक साथ लैंको को आठ से दस हजार एमटी कोयले की आपूर्ति ठप हो गई है। इसके किसी वक्त परियोजना का बिजली उत्पादन ठप होने की भी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
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ऊर्जांचल परिक्षेत्र में राज्य, राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ कोल खदान क्षेत्र में होने वाली वसूली लंबे समय से विवाद का कारण बनी हुई है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि क्वैरी प्वाइंट जब भी बनेगा संपर्क मार्ग पर बनेगा, लेकिन ऊर्जांचल में खड़िया से लेकर अनपरा तक कोल ढुलाई करने वाली ट्रकें या तो हाइवे से गुजरती हैं या फिर खदान के रास्ते पर। वसूली के लिए शुल्क का कहीं बोर्ड न लगे होने, जहां-तहां वसूली होने से भी लोगों में नाराजगी है। लोगों ने डीएम से सीएम तक गुहा लगाई। गुरुवार की शाम चार बजे ट्रांसपोर्टरों ने खड़िया में लैंका का कोल परिवहन ही रोक दिया।


बारह सौ मेगावाट वाली लैंको को रोजाना 18 हजार एमटी कोयले की जरूरत है। इसमें से आठ से दस हजार कोयला ही एनसीएल की कोल परियोजनाओं से मिल पाता है। शेष के लिए परियोजना को नीलामी वाले कोयले या बाहर से कोयले को मंगाना पड़ता है। इसके चलते कोयले की कमी कई बार परियोजना से बिजली उत्पादन भी ठप कर चुकी हैं। चूूंकि छह-छह सौ मेगावाट की दो इकाइयों वाली लैंको की पूरी बिजली राज्य सरकार को मिलती है। इसलिए जब कभी एक भी इकाई ठप होती है तो शक्ति भवन तक खलबली मच जाती है। 
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लैंको के डीजीएम, एचआर एसके द्विवेदी का कहना है कि हाइवे पर या खदान क्षेत्र में वसूली पूरी तरह से गलत है। जब तक हाइवे या खदान क्षेत्र में वसूली का अधिकृत आदेश नहीं मिल जाता, तब तक भुगतान में असमर्थ है। इस कारण परियोजना को खड़िया से मिलने वाला कोयला बंद हो गया है। इससे किसी वक्त उत्पादन ठप होने की स्थिति बन गई है। हालात से पुलिस,  को अवगत करा दिया गया है। अपर मुख्य अधिकारी आलोक सिंह का कहना है कि जब तक प्रकरण का हल नहीं     निकल जाता। तब तक ठेकेदार को वसूली बंद करने का निर्देश जा रहा है। डीएम से वार्ता कर निष्कर्ष निकाला जाएगा। 
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