अबकी बार कनहर नदी के सूख जाने से पशु-पक्षी बेहाल हैं। चिलचिलाती धूप में नदी किनारे प्यास बुझाने की फिराक में वन्य जीव प्राणी पानी ढूंढ रहे हैं। उधर नदी के सूख जाने की वजह से अमवार स्थित निर्माणाधीन कनहर परियोजना के निर्माण पर भी संकट मंडराने लगा है। मई माह के प्रथम सप्ताह में नदी की यह स्थिति देख लोगों के साथ-साथ परियोजना के अधिकारी बेहद चिंतित हैं। हालांकि निर्माण कार्य प्रभावित न हो इसके लिए नदी की तलहटी में खुदाई करके और बोरिंग कराकर पानी का प्रबंध किया गया है।
अमवार से गुजरने वाली कनहर नदी नगवां, टेढ़ा, जाबर, कोरगी, खोखा, करहिया गांव के जंगलों से होकर आगे बढ़ती है। इन जंगलों में रहने वाले वन्य जीव प्राणियों के लिए सूखी कनहर नदी चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश सरकार व क्षेत्र की ड्रीम सिंचाई प्रोजेक्ट कनहर सिंचाई परियोजना का कार्य निर्माणाधीन है। नदी की जल धारा थम जाने से परियोजना के स्पिल वे निर्माण, कंक्रीटिंग, बांध पर पड़ने वाले मिट्टी पर भी पानी के संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बांध पर मिट्टी के बाद ढलाई के लिए पानी आवश्यकतानुसार नहीं मिल पा रहा। जिसके चलते ढलाई में दिक्कत आ रही है। कनहर सिंचाई परियोजना के अधिशासी अभियंता विजय कुमार ने बताया कि ड्रीम प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य पर पानी की दिक्कत तो है, लेकिन परियोजना का कार्य किसी तरीके से प्रभावित न हो इसके लिए परियोजना स्थल पर नदी में तलहटी की खुदाई कर उससे जल धारा और नदी में ही बोर कर पर्याप्त मात्रा में जल संग्रह किया गया है। जिससे परियोजना का निर्माण कार्य अबाध्य गति से चल रहा है।