25 मार्च को वह उनके घर आया और बताया कि लालगंज में रहने के दौरान वह अक्सर उसे लेकर घोरावल क्षेत्र के पेढ़ (नौगढ़वा) आते थे। यहां उनका लीलावती के घर आना जाना था। तहरीर में दावा किया गया है कि वह अक्सर पूरी रात वहां रुकते थे। 22 मार्च की शाम छह बजे वह उसे लेकर नौगढ़वा पहुंचे। उन्होंने लीलावती के घर खाना खाया। इसके बाद चालक गाड़ी में आकर सो गया, जबकि कुंवर कमरे में चला गया।
रात पौने एक बजे लीलावती ने आकर गाड़ी का दरवाजा खुलवाया और बताया कि उन्होंने उसके मालिक की हत्या कर दी है। इसी बीच उसका भांजा (उसकी बहन का लड़का) मिर्जापुर के दीपनगर थाना के पड़रिया निवासी चंद्रशेखर उर्फ मखंचू मौर्य बगल वाली सीट पर बैठ गया। जबरिया डिकी खुलवाकर लीलावती, उसके पति साहब लाल ने कुंवर का शव रख दिया।
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उसे डराते-धमकाते हुए सिरसी डैम ले गए। वहां शव को एक पत्थर से बांधा और कुछ दूर आगे ले जाकर एक पुलिया के पास गहरी खाई में फेंक दिया। उसके बाद आरोपी उसे लालगंज ले गए। वहां से चंदौली के पीडीडीयूनगर लेकर पहुंचे। रास्ते भर उसे धमकाते रहे कि किसी को घटना के बारे में बताने पर उसकी भी हत्या कर शव गायब कर दिया जाएगा।
मिर्जापुर में शव बरामद कर लिया गया है। वहां उसके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। बड़े भाई की तहरीर पर दंपती समेत तीन के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। हत्या कैसे और किस रूप में की गई, इसकी स्पष्ट जानकारी के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। -राहुल पांडेय, सीओ घोरावल
मेरे भाई के पास दो गाड़ियां थीं। घटना की रात वह नौगढ़वा कार से गए थे। बृहस्पतिवार को उनके ड्राइवर रोहित ने उन्हें जानकारी दी, तब घटना की जानकारी हुई। पुलिस को घटना के बारे में पूरी जानकारी दे दी गई है। -घासी मौर्य, मृतक का बड़ा भाई