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आदिवासियों की जमीन पर कब्जे की शिकायत की जांच शुरू

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सोनभद्र। मुख्यमंत्री से चोपन थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिल्ली मारकुंडी में आदिवासियों की जमीन पर कब्जा किए जाने की शिकायत की प्रशासन की तरफ से जांच शुरू करा दी गई है। क्षेत्र के लेखपाल से जमीन संबंधी सारे अभिलेख की पड़ताल कर जानकारी तलब कर ली गई है।
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मारकुंडी ग्राम पंचायत के विजय कुमार, बुधनी देवी, मनीलाल गोंड, श्रीराम गोंड आदि का आरोप है कि चकरिया, तेलाईं, धौराडीह, पेड़रहवां, सात नंबर, कुसहियां व गुरमा लंका टोला आदि राजस्व गांवों में करीब 2900 बीघा जमीन पर दूसरे द्वारा कब्जा कर लिए जाने की शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि आदिवासियों व अनुसूचित जनजाति के लोगों की जमीनों को बंदोबस्त कर हक दिलाने के लिए शासन स्तर से एक सर्वे एजेंसी नामित की गई थी। एजेंसी ने मिलीभगत कर जमीन आदिवासियों की जमीन भू माफिया के नाम कर दिया है। इस नाते उभ्भा जैसे कांड की पुनरावृत्ति की स्थिति ग्राम पंचायत मारकुंडी में भी न उत्पन्न हो जाए, इसकी आशंका सताने लगी है। उधर, मुख्यमंत्री से इस मामले की शिकायत होने की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। एसडीएम सदर यमुनाधर चौहान ने बताया कि मारकुंडी के लेखपाल से ग्रामीणों द्वारा की शिकायत से संबंधित जमीनों से जुड़े अभिलेखों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही लेखपाल से पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट भी देने को कहा गया है। एसडीएम ने बताया कि जांच में ग्रामीणों की शिकायत सही मिलने पर जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञात हो, जुलाई 2019 में घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में विवादित भूमि को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया था। इसमें एक पक्ष के 11 लोगों की मौत हो गई थी और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। मारकुंडी गांव के ग्रामीण भी जमीन को लेकर उभ्भा जैसे कांड की पुनरावृत्ति की आशंका से सहमे हुए हैं।
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