सोनभद्र। यूपी पुलिस की भर्ती परीक्षा में शनिवार को भी पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। त्रिस्तरीय जांच के बाद ही अभ्यर्थी केंद्र में प्रवेश पा सके। एक-एक अभ्यर्थी को बॉडी मेटल डिटेक्टर और फेस रिकग्निशन की प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ा। शनिवार को परीक्षा में करीब 70 फीसदी परीक्षार्थी शामिल हुए। डीएम-एसपी ने कंट्रोल रूम से सभी केंद्रों पर चल रही परीक्षा की निगरानी की। खुफिया विभाग के लोग सादे वर्दी में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर निगाह लगाए रहे।
जिले के छह केंद्रों पर सुबह 10 बजे से होने वाली पहली पाली की परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की तीन घंटे पहले ही लंबी कतार लग गई थी। केंद्र के बाहर पहले उनका प्रवेश पत्र जांचा गया। पेन और प्रवेश पत्र के अलावा अन्य सभी सामान बाहर गेट पर ही रखवा दिए गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने एक-एक अभ्यर्थी की बॉडी मेटल डिटेक्टर से तलाशी ली। फिर फेस रिकग्निशन किया गया। अभ्यर्थियों के जूता-मोजा, शर्ट के कॉलर सहित कपड़ों की तलाशी ली गई तब केंद्र में प्रवेश मिला।
परीक्षा में चौकसी को लेकर अभ्यर्थियों ने भी जताया। उधर, पुलिस लाइन में बने कंट्रोल रूम से डीएम बद्रीनाथ सिंह, एसपी डॉ. यशवीर सिंह सीसी टीवी कैमरे के माध्यम से निगरानी करते रहे। पुलिस की खुफिया इकाई परीक्षा केंद्रों के अलावा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, नगर के प्रमुख चौराहों-तिराहों व अन्य स्थानों पर सादे वेश में घूमती रही। ऐसे तत्वों की खोजबीन हो रही थी, जिन पर परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने का संदेह था। मनाही के बाद भी केंद्र से सौ मीटर के दायरे में दुकान खोलने पर पुलिस ने एक फोटो स्टेट दुकान के संचालक को कुछ देर के लिए हिरासत में भी लिया। एएसपी कालू सिंह ने बताया कि दूसरे दिन की परीक्षा में कुल 4320 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें 3017 ने परीक्षा में हिस्सा लिया। पहले दिन 2920 ने परीक्षा दी थी।
कुल: 4320
उपस्थिति: 3017
अनुपस्थित: 1303
बसों में धक्कामुक्की के बीच करना पड़ा सफर
पुलिस भर्ती परीक्षा में दूसरे दिन भी अभ्यर्थियों को सफर में मुश्किल झेलनी पड़ी। रोडवेज की ओर से वाराणसी के लिए अतिरिक्त बसें लगाने के बाद भी अभ्यर्थियों की भीड़ के चलते कम पड़ गईं। इसके लिए उन्हें जो भी बस दिखी, उसी की ओर दौड़ पड़े। सीट पाने के लिए बसों के गेट पर खूब धक्कामुक्की हुई तो कइयों ने खिड़की के अंदर से घुसकर सीट पाई। ज्यादातर अभ्यर्थी गाजीपुर, वाराणसी और जौनपुर जिले के हैं।
पैन का मतलब क्या है... बांग्लादेश की राजधानी बताएं
सोनभद्र। पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन भी अभ्यर्थियों को रिजनिंग के सवालों ने ही खासा परेशान किया। हिंदी और सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न आसान थे, लेकिन रिजनिंग और गणित को सुलझाने में उन्हें खूब माथापच्ची करनी पड़ी। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों का कहना था कि इस बार जिसने रिजनिंग को अच्छे से सुलझा लिया, उसका चयन पक्का है। परीक्षा में अभ्यर्थियों पीएएन (पैन) का पूरा मतलब पूछा गया था। इसके अलावा बांग्लादेश की राजधानी के बारे में जानकारी चाही गई थी। साइबर क्राइम में गोपनीय डाटा ट्रांसफर से जुड़े सवाल थे तो केंद्र सरकार की श्रमिक कल्याण की पेंशन योजना से जुड़ा प्रश्न भी था।
रिजनिंग को छोड़ दें तो पेपर बहुत कठिन नहीं था। औसत श्रेणी के सवाल थे, जो पद की योग्यता के अनुरूप ही थे। उत्तर देने में कोई दिक्कत नहीं आई। पेपर अच्छा हुआ है। - संगीता जोशी, मड़िहान।
पिछली बार भी पेपर ठीक हुआ था। इस बार पहले से भी अच्छा हुआ है। लिखित परीक्षा में पास होने की पूरी उम्मीद है। इसके लिए पहले से तैयारी की थी। - स्नेहा सोनकर, मिर्जापुर।
पेपर का पैटर्न बदला था। पूर्व में हुई परीक्षाओं की तरह ही सवाल थे। हिंदी और जीके तो काफी आसान था। मैथ ने थोड़ा समय लिया, सवालों को हल करने में परेशानी नहीं आई। - काजल, अदलहाट।
इस बार परीक्षा में काफी अच्छी व्यवस्था की गई है। सरकार ने अभ्यर्थियों को किराए में छूट देकर पेपर लीक से मिले दर्द पर थोड़ा मरहम लगाने का प्रयास जरूर किया है। उम्मीद है कि इस बार रिजल्ट समय से आएगा। - विजय जायसवाल, गाजीपुर।