चोपन के पूर्व चेयरमैन इम्तियाज अली हत्याकांड में झूठे साक्ष्य दिखाकर कोर्ट को गुमराह करने के मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने पूर्व चेयरमैन के भाई उस्मान अली पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। सीजेएम सूरज मिश्र के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई की। आरोपी उस्मान अली की पत्नी बबली चोपन की ब्लाक प्रमुख भी रह चुकी हैं।
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2018 में बदमाशों ने चोपन चेयरमैन इम्तियाज अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसका परीक्षण न्यायालय में चल रहा था। इसी क्रम में विवेचना से निर्दोष हुए राकेश जायसवाल के विरुद्ध उच्च न्यायालय इलाहाबाद का फर्जी व कूटरचित कागजात तैयार कर उस्मान अली और उनके अधिवक्ता ने न्यायालय में प्रस्तुत कर कोर्ट को गुमराह कर गलत आदेश प्राप्त कर लिया था। इसकी जानकारी होने पर राकेश ने अपने अधिवक्ता विकास शाक्य के माध्यम से फर्जी कागजातों को कोर्ट में चुनौती दी। अधिवक्ता विकास शाक्य ने बताया कि सत्र न्यायाधीश ने पूर्व में ही न्यायालय में झूठा साक्ष्य प्रस्तुत करने का मामला दर्ज करा दिया था लेकिन फर्जी कागजात तैयार करने वालों के खिलाफ मामला अलग से कोर्ट के समक्ष लाया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अधिवक्ता के माध्यम से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए 28 जनवरी को थाना कोतवाली राबर्ट्सगंज में मुकदमा दर्ज करने का आदेश पारित किया। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि उस्मान अली एवं उनके अधिवक्ता को भलीभांति फर्जीवाड़े की जानकारी थी। इस संबंध में कोतवाल सत्य नारायण मिश्रा ने चोपन निवासी उस्मान अली और अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।