सोनभद्र। खेल में अपार संभावनाएं हैं। यह कॅरियर के रूप में उभरा है। युवा आगे आएं, खेलें और मेडल जीतें। सरकार खिलाड़ियों को नौकरी देगी। यह बातें बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उरमौरा स्थित डायट परिसर में आयोजित विधायक खेल महाकुंभ के समापन पर कहीं। उन्होंने कहा कि अब तक 500 खिलाड़ियों को नौकरी दी जा चुकी है। ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले को छह करोड़, रजत जीतने पर चार करोड़ और कांस्य जीतने पर दो करोड़ दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने 356.69 करोड़ रुपये से मेडिकल कॉलेज समेत 68 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। नर्सिंग कॉलेज सहित 341.45 करोड़ की 61 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से जब हमें नए भारत की बात करते हैं, तो उसमें सर्वांगीण विकास की बात होती है। भारत तभी आगे बढ़ेगा, जब उत्तर प्रदेश विकास करेगा और उत्तर प्रदेश तब आगे बढ़ेगा, जब हर जनपद विकास करेगा। सांस्कृतिक, आध्यात्मिक विकास तो हो ही, भौतिक विकास भी हो। शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ खेल क्षेत्र में भी यूपी तेजी से विकास कर रहा है। नए भारत की सोच कहीं काशी विश्वनाथ के रूप में तो कहीं अयोध्या में 500 वर्षों की विरासत को संरक्षित करने के रूप में साकार हो रही है। प्रयागराज में सदी का पहला महाकुंभ भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है। आज हर कोई काशी, अयोध्या और प्रयागराज आना चाहता है। यह प्रधानमंत्री के संकल्पना का साकार रूप है। खेल महाकुंभ की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह 21 दिनों में 11 हजार खिलाड़ियों ने इसमें सहभागिता निभाई है। उसी तरह हर विधानसभा में यह प्रयास होने चाहिए। प्रदेश का हर विधायक ऐसा प्रयास करे तो सिर्फ चार लाख खिलाड़ी यूपी में तैयार हो जाएंगे।
-
सोनभद्र है, भारत का स्विट्जरलैंड, यूपी की ऊर्जा राजधानी : योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने कहा, परंपरा को समेटे है यह जिला, संवारे जाएंगे पौराणिक स्थल, ग्रीन एनर्जी का हब बनाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
सोनभद्र। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर मैं कहूं कि भारत के अंदर स्विट्जरलैंड बनने की क्षमता अकेला सोनभद्र जनपद रखता है, तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है। आंकड़े इसकी गवाही देते हैं।
सोनभद्र 12000 मेगावाट विद्युत उत्पादन करता है, इसलिए यह उत्तर प्रदेश की ऊर्जा की राजधानी के रूप में विख्यात है। सोनभद्र को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 1,97,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के क्रियान्वन से करीब 40,000 युवाओं को रोजगार मिलेगा।
करीब 25 मिनट के संबोधन में मुख्यमंत्री सोनभद्र की विशेषताएं बताते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनभद्र सिर्फ प्रदेश ही नहीं देश की परंपरा को समेटे हुए है। सृष्टि के प्रारंभ के जीवाश्म पार्क गुफा चित्रों, प्राकृतिक संसाधनों, जल एवं बल से परिपूर्ण है। प्राकृतिक संसाधनों के साथ ही सांस्कृतिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से इसका बहुत महत्व है। 11वीं शताब्दी का शिव द्वार मंदिर, मां विंध्यवासिनी मंदिर, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, मां ज्वाला वती देवी मंदिर, मां मुंडेश्वरी माता मंदिर के चतुष्क पुणे आवरण के बीच एक पूरा जनपद स्थित है। यह भौगोलिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक बनावट के कारण यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। कहा कि सरकार इस जिले की क्षमताओं के अनुरूप इसे और बेहतर करने के लिए काम कर रही। कहा कि यहां के जनप्रतिनिधि पूछते थे कि क्या सोनभद्र में भी मेडिकल कॉलेज हो सकता है, क्या यहां भी हर घर को नल से जल मिल सकता है। आज यह सब साकार रूप ले चुका है। यहां के पौराणिक स्थलों का सुंदरीकरण कराया जा रहा है। रिजर्वायर में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट के साथ ग्रीन एनर्जी का हब बनने जा रहा है। कहा कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में सोनभद्र के लिए 1 लाख 97 हजार करोड़ के प्रस्ताव आए हैं, जो 40 हजार लोगों को रोजगार देंगे। कनहर सिंचाई परियोजना से 108 गांव की 50 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि को पानी मिलेगा। ढाई लाख परिवारों को हर घर नल का कनेक्शन दिया जा चुका है। सोलह हजार पात्रों को वनाधिकार के तहत पट्टा दिया गया। आदिवासी बच्चों के लिए पिपरखाड़ में एकलव्य विद्यालय का निर्माण हुआ है।
बुजुर्गों को रस्सा खींचते देखकर आह्लादित हुए सीएम
- 21 दिनों तक चले खेल महाकुंभ का सबसे बड़ा आकर्षण 65 वर्ष से अधिक आयु वालों के बीच रस्साकशी प्रतियोगिता थी। अमृत खेल के रूप में इसका प्रदर्शन मुख्यमंत्री के सामने भी हुआ। बुजुर्गों को पूरी ऊर्जा से रस्सा खींचते देख सीएम आह्लादित हो गए। मंच से उन्होंने इसकी सराहना की। कहा कि इसमें सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, शक्ति प्रदर्शन भी था। घुट-घुटकर जीने के लिए जीवन नहीं होता। जीवन का मतलब जीवंतता होती है, जो इस खेल में नजर आई है। बुजुर्गों का यह खेल रोचक, उत्साहवर्द्धक और प्रेरणादायक है।
-
कार्यक्रम में ये जनप्रतिनिधि, अफसर रहे मौजूद
इस दौरान राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल, राज्यमंत्री संजीव सिंह गोंड, जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल, विधायक भूपेश चौबे, विधायक अनिल मौर्य, एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह, जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता, पूर्व सांसद रामशकल, नरेंद्र कुशवाहा और नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद, कृष्ण मुरारी गुप्ता मौजूद रहे। अफसरों में डीएम बद्रीनाथ सिंह, एसपी अशोक कुमार मीणा, सीडीओ जागृति अवस्थी मौजूद रहीं।
-
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित, बढ़ाया हौसला
खेल महाकुंभ के दौरान हुए विभिन्न खेलों के विजेताओं को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। अमृत खेल में ओमप्रकाश चतुर्वेदी की टीम विजेता रही। खो-खो में अलका कुमार, बालक वर्ग की कबड्डी में ऋतिक कुमार, बालिका वर्ग में नगवां की साधना यादव, वॉलीबाल में रॉबर्ट्सगंज के सोनू की टीम ने पहला स्थान पाया। इसके अलावा व्यक्तिगत स्पर्धा के कैरम में रॉबर्ट्सगंज की सुप्रिया सिंह, शतरंज में आयुष सिंह, 100 मीटर दौड़ में सुमन, 200 मीटर दौड़ में नगवां की अंजुला, 400 मीटर में चोपन की खुशबू, सांस्कृतिक प्रतियोगिता में नितेश विश्वकर्मा और कोन की ऋचा त्रिपाठी विजेता रहीं। सभी विजेताओं को शील्ड व ट्राफी प्रदान की गई। निबंध लेखन, चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कार दिया गया।
-
इन प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण
249.99 करोड़ का मेडिकल कॉलेज, 9.74 करोड़ का ड्रग वेयर हाउस, 5.05 करोड़ से नगवां व घोरावल ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के एकेडमिक ब्लॉक व हॉस्टल, 4.35 करोड़ से 48वीं आईआर वाहिनी में 300 की क्षमता वाला बहुद्देश्यीय हाल, 3.25 करोड़ से अनपरा नगर पंचायत में कल्याण मंडल शामिल है।
-
इनका हुआ शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने 341.45 करोड़ की 61 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसमें पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड की 13, निर्माण खंड की 3, निर्माण खंड द्वितीय की 7, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की 14 परियोजनाएं हैं। सबसे बड़ी परियोजना 54.10 करोड़ की बभनी में असनहर, वनवासी सेवा आश्रम होते हुए छत्तीसगढ़ बार्डर तक की सड़क के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण का कार्य है। इसके अलावा 23.34 करोड़ से बग्घानाला से पांचूडीह होते हुए कचरहट मार्ग, 22.25 करोड़ से कलेक्ट्रेट में ऑडिटोरियम, 9.97 करोड़ से नर्सिंग कॉलेज, 9.65 करोड़ से ओबरा तहसील का अनावासीय भवन, 9.62 करोड़ से पुलिस लाइन में 150 की क्षमता का बैरक, 8.76 करोड़ से लोढ़ी में टूरिस्ट फैसीलिटेशन सेंटर शामिल है।
हाईवे पर दो घंटे बाधित रहा आवागमन
मुख्यमंत्री कार्यक्रम के मद्देनजर वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर करीब दो घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। उरमौरा स्थित डायट परिसर में सीएम के पहुंचने से पहले लोढ़ी में सर्किट हाउस मोड़ के पास आवागमन रोक दिया गया था। दूसरी ओर उरमौरा में फ्लाईओवर के पास बैरिकेड्स लगाए गए थे। मुख्यमंत्री करीब ढाई बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और पौने चार बजे पुलिस लाइन रवाना हुए। इस दौरान हाईवे की एक लेन को बंद रखा गया था।