इस चुनावी माहौल में पचास हजार या इससे अधिक नकदी लेकर चल रहे हैं तो सावधान हो जाएं। आपको यह बताना होगा कि यह राशि कहां से मिली। बैंक से निकाला है या फिर किसने दी। जांच के दौरान दस्तावेज न दिखाने पर पुलिस आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के तहत नकदी जब्त कर सकती है।
चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धन वितरण के मामलों की शिकायतें आती हैं। धन वितरण कर वोट खरीदने का काम न हो सके इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने सख्त कदम उठाने के लिए कहा है। ऐसे में फ्लाइंग स्क्वाड के सदस्य अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जांच कर रहे हैं। उनकी जिम्मेदारी है कि कोई भी व्यक्ति जो 50 हजार रुपये से अधिक नकदी लेकर अपने साथ जा रहा हो तो उसे तत्काल रोकें और पूछताछ कर यह पता लगाएं कि यह राशि वह कहां से लेकर जा रहा है। अगर यह राशि 10 लाख रुपये से अधिक हो तो आयकर विभाग को तत्काल सूचना दें और आयकर अधिकारी आकर जांच करें। अगर कोई भी व्यक्ति सही सही सोर्स नहीं बता पाता है तो उससे मिली धनराशि को जब्त करने का अधिकार भी फ्लाइंग स्क्वाड व आयकर विभाग के अधिकारियों को होगा। ऐसे मामले में विधिक कार्रवाई भी की जा सकती है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि अगर किसी के पास पासबुक है और उसमें रुपया बैंक से निकालने का डाटा फीड है तो उसे परेशान नहीं किया जाएगा। रुपये से जुड़ी रसीद व अन्य जरूरी अभिलेख होना चाहिए। रुपये कहां से मिला और कहां जा रहा है इसका प्रपत्र भी होना चाहिए। दस लाख रुपये से अधिक राशि होगी तो आयकर विभाग का प्रवर्तन दस्ता जांच करेगा।
अब तक जब्त हुआ है साढ़े 69 हजार
आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक जिले में साढ़े 69 हजार रुपया नकद बरामद हुआ है। शनिवार को मप्र की सीमा के पास से शक्तिनगर पुलिस ने एक कार सवार के पास से यह रुपये बरामद किए। उसके पास रुपये से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य न होने से उसे जब्त करते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।