ओबरा में बिजली कर्मचारियो के कार्य बहिष्कार के दौरान विरोध सभा को संबोधित करते वक्ता।
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ओबरा। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को निजी हाथों में सौंपने के फैसले के विरोध में विद्युतकर्मियों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। इससे ओबरा व आसपास के क्षेत्रों बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। ओबरा में अभियंताओं व कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार से पूर्व बीटीपीएस गेट झरियानाला पर सभा की।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि सोमवार को पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के साथ संघर्ष समिति की वार्ता कई चरणों में चली। ऊर्जा मंत्री ने संघर्ष समिति को आश्वासन दिया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के या किसी अन्य निगम के विघटन, निजीकरण का प्रस्ताव वापस लिया जाता है और प्रदेश में कहीं भी ऊर्जा क्षेत्र में कोई निजीकरण नहीं किया जाएगा। समझौते का प्रारूप तैयार हो गया। वे पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन को समझौते पर हस्ताक्षर करने का निर्देश देकर चले गए लेकिन चेयरमैन ने समझौते पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। यह उनकी हठवादिता है। वक्ताओं ने चेताया कि यदि किसी भी स्थान पर किसी भी बिजली कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया किया गया तो वे बेमियादी हड़ताल और सामूहिक जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे। सभा को बीएन सिंह, अभय प्रताप सिंह, अदालत वर्मा, एसवीपी सिंह, पीएन गुप्ता, शशिकांत श्रीवास्तव, योगेंद्र प्रसाद, दिनेश यादव, बीडी विश्वकर्मा, सतीश कुमार, रामयज्ञ मौर्य, शाहिद अख्तर, कैलाश नाथ, दीपक सिंह ने संबोधित किया। अध्यक्षता आरजी सिंह, संचालन सत्यप्रकाश सिंह ने किया।