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Sonebhadra News: चलते-चलते सड़क पर मैं जाम न हो जाऊं, कोई खास बात कहके मैं आम न हो जाऊं...

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कौमी एकता समिति के संयोजन में सोमवार की रात तहसील परिसर में कवि और शायरों की महफिल सजी। अपनी हास्य की रचनाओं से कवियों ने लोगों को गुदगुदाया तो व्यवस्था पर तंज कसती कविताओं से आइना भी दिखाया।
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प्रयागराज से आए कवि बिहारी लाल अंबर ने चलते-चलते सड़क पर मैं जाम न हो जाऊं, कोई खास बात कहके मैं आम न हो जाऊं... सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी।
मुख्य अतिथि प्रदेश के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु और विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल, रमेश मिश्र, हरिदत्त मिश्र, ब्लॉक प्रमुख रंजना चौधरी और चेयरमैन कमलेश मोहन ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि राष्ट्रीय चेतना के ऐसे ही साहित्यिक मंचों से समाज को सही दिशा मिलती है। उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य पर दुद्धी सीएचसी के अधीक्षक डॉ. शाह आलम अंसारी को सम्मानित किया।
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प्रतापगढ़ से आईं कवियित्री प्रीति पांडेय सरस्वती वंदना कर कवि सम्मेलन की शुरुआत की। इसके बाद इटावा के कवि गौरव चौहान ने कौमी एकता के जो खिलाफ बोलते हैं सदा, ये अवाम उनके विरुद्ध होके जाएगी... सुनाकर कौमी एकता की मजबूती का संदेश दिया।
दमदार बनारसी ने राम नहीं राम का चरित्र पूजते हैं हम, मित्रता निभाने वाला मित्र पूजते हैं हम... से वाहवाही पाई। प्रियंका मिश्रा ने मुस्कुराते हुए गुलाब लगते हैं, हर मुश्किलों का जवाब लगते हैं... पेश की।
आगरा के एलेश अवस्थी ने वर्दी पहने, सीना ताने, हाथों में संगीन लिए..., भदोही के शायर कैशर परवेज ने अब तो बस सावन बरसे, वर्षों से नैना तरसे..., प्रतापगढ़ की प्रीति पांडेय ने अधूरी बात में तुम साथ दो तो और बेहतर हो.. रचना पेश की।
कार्यक्रम का संचालन मु. शमीम अंसारी और काव्य संध्या का संचालन कमलेश राजहंस ने किया। इस मौके पर एसडीएम निखिल यादव, समिति के संरक्षक रवींद्र जायसवाल, अध्यक्ष रामलोचन तिवारी, डॉ. केके चौरसिया, मदन मोहन तिवारी, विष्णुकांत तिवारी, प्रभु सिंह, कुलभूषण पांडेय, अमरनाथ जायसवाल, देवेश मोहन आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता भाजपा नेता श्रवण सिंह गोंड ने किया।
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