पति की दीर्घायु, सुख, समृद्धि और परिवार की मंगल कामना के लिए सुहागन
महिलाएं सोमवती अमावस्या पर सोमवार को व्रत रखकर पीपल वृक्ष की पूजा कर
सुहाग से संबंधित सामग्री, फल, मिष्ठान आदि को लेकर 108 बार परिक्रमा की।
इसके बाद कहानी सुनकर प्रसाद वितरित किया।
सोमवती अमावस्या पर
राबर्ट्सगंज सिविल लाइन रोड स्थित अनुसंधान कालोनी के पास, दंडईत बाबा
मंदिर परिसर, रेलवे फाटक रोड पर सुहागन महिलाओं ने सोमवार की भोर से ही
पीपल वृक्ष की पूजा करके परिक्रमा शुरू की। यह क्रम सुबह 8:30 बजे तक चलता
रहा।
सुहागन महिलाओं सुनीता, संगीता, उषा, आशा, माया, चंद्रशीला, सुशीला और
सुमन का कहना है कि यह व्रत निराहार रहकर पति की दीर्घायु और परिवार की
मंगल कामना के लिए किया जाता है।
सुहाग से संबंधित श्रृंगार सामग्री,
फल-फूल, मिष्ठान, सिन्नी चढ़ाकर सुहाग से संबंधित सामग्री, फल, मिष्ठान
आदि लेकर 108 बार पीपल वृक्ष की परिक्रमा का विधान है। कच्चा सूत से पीपल
वृक्ष को डोर बांधी जाती है। इसके बाद कहानी सुनकर प्रसाद का वितरण किया
जाता है। पुरोहित को दान-दक्षिणा और भोजन खिलाया जाता है।
महिलाओं के
मुताबिक तेल, रूई, मूली, नमक आदि वर्जित रहता है। अगर कोई महिला निराहार
नहीं रह सकती तो फलाहार कर सकती हैं। कहा कि पति की दीर्घायु और परिवार की
मंगल कामना के लिए यह व्रत रखकर पीपल वृक्ष की 108 बार परिक्रमा किए जाने
का विधान है।