एनसीएल परिक्षेत्र में हो रही जिला पंचायत की वसूली का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऊर्जांचल ट्रक आपरेटर्स एसोसिएशन के बैनर तले रविवार की दोपहर नियमविरुद्ध वसूली का आरोप लगाते हुए ट्रांसपोर्टरों और चालकों ने प्रशासन-पुलिस के विरोध में नारे लगाते हुए जाम लगा दिया।
इससे अनपरा-शक्तिनगर मार्ग पर करीब दो घंटे तक आवागमन ठप रहा। पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पुलिस को ज्ञापन सौंपने के साथ प्रकरण में डीएम को भी पत्रक भेज हस्तक्षेप की गुहार लगाई गई है।
बताते चलें करीब डेढ़ माह से अनपरा से खडिय़ा के बीच हाइवे की पटरी या फिर कोल परियोजनाओं के खदान की तरफ जाने वाले रास्ते पर हो रही वसूली रार का सबब बनी हुई है।
इसको लेकर आए दिन जाम, मारपीट की स्थिति बन रही है। रविवार को भी पांच-छह वसूलीकर्ता बीना कोयला खदान जाने वाले रास्ते पर पहुंचे और फोल्डिंग बैनर लगाकर कोयला लदे वाहनों से कथित जिला पंचायत की वसूली शुरू कर दी। इससे खफा ट्रांसपोर्टरों ने वाहन चालकों के साथ बीना में अनपरा शक्तिनगर मार्ग पर जाम लगा दिया और एनसीएल की जमीन पर वसूली को अवैध बताते हुए कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
एसोसिएशन के अध्यक्ष आद्या प्रसाद मिश्र, लालसाराम, प्रदीप बैसवार, रामसेवक, रन्नू मिस्त्री, सुरेंद्र मिश्र, जयलाल, रवि राय आदि का कहना था कि नियमानुसार अनपरा से लेकर खड़िया के बीच कोई क्वैरी प्वाइंट नहीं हो सकता। क्योंकि हाइवे पर वसूली की मनाही और हाईवे के पश्चिम एनसीएल की जमीन है।
जब भी क्वैरी प्वाइंट तय होगा संपर्क मार्ग पर। न की सार्वजनिक रास्ते पर, न किसी कोल परियोजना की संपत्ति पर। कहा कि इस मसले को लेकर पूर्व में भी आवाज उठाई गई थी।
शासन स्तर पर कराई गई जांच में आरोप सही पाया गया था और वसूली रोक दी गई थी, लेकिन एक बार फिर से असलहे के दम पर और पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से वसूली शुरू कर दी गई है, इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मौके पर सोनू पनिका, बबलू मिस्त्री, दशरथ शर्मा, मुकेश्ध सिंह, राजेश सिंह, सदन सिंह, श्यामसुंदर, अरविंद, सुखेंद्र, पुष्पेंद्र आदि थे।