सोनभद्र। प्रचंड गर्मी के बीच मतदान प्रतिशत बढ़ाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए मतदाताओं को बूथों पर हर संभव सहूलियत देने की कवायद की जा रही है, मगर सोनांचल के कई बूथों पर अभी तक वह जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो पाई हैं, जो मतदाताओं को गर्मी में राहत दे सकती हैं।
कहीं बिजली नहीं है तो कहीं पानी नदारद है। कुछ बूथों तक पहुंचने के लिए सीधा रास्ता भी नहीं है। वोट देने के लिए मतदाता निकलें भी तो उन्हें कई किमी दूर पैदल चलकर बूथ पर पहुंचना होगा। तपती दोपहरी में यह सफर उन्हें मतदान से दूर कर सकता है।
जिले के 1514 बूथों पर इस बार लोकसभा के लिए वोट पड़ेंगे। भौगोलिक रूप से यूपी के सबसे बड़े लोकसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव में 57 प्रतिशत वोट पड़े थे। तब मतदान मई में हुआ था। प्रशासन चुनाव प्रतिशत बढ़ाने की हर संभव कोशिश कर रहा है। वहां छाया, पानी, बिजली आदि की बेहतर व्यवस्था रहेगी, मगर जमीनी हकीकत इससे अलग है। मतदान में अब एक माह का समय रह गया है, बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के तमाम बूथों पर मूलभूत समस्याएं दूर नहीं हो पाई हैं। बिजली, पानी, शौचालय का संकट तो है ही, रास्ते का भी अभाव है।
तीन किमी पैदल चलेंगे तब बूथ पर पहुंचेंगे
सदर ब्लॉक के बघुआरी ग्राम पंचायत में घोरावल विधानसभा का बूथ संख्या 364 है। इस बूथ पर ही ग्राम पंचायत के गड़ौरा टोला के मतदाता भी वोट करते हैं। गड़ौरा में करीब डेढ़ सौ मतदाता हैं। ग्राम पंचायत का हिस्सा होने के बावजूद दोनाें गांवों के बीच तीन किमी की दूरी है। गड़ौरा के मतदाताओं को अपने बूथ तक पहुंचने के लिए तीन किमी पैदल चलना पड़ेगा। गांव में जाने के लिए कोई सड़क नहीं है।
वहीं अनपरा नगर पंचायत के गरबंधा के प्राथमिक विद्यालय पर बने मतदान केंद्र तक पहुंचने का रास्ता कच्चा है। कुलडोमरी गांव के मेरड़दह के प्राथमिक विद्यालय पर मतदान होना है। यहां तक पहुंचने वाली सड़क भी जर्जर है। लडोमरी गांव के खजुरा, मेरड़दह और अन्य टोलों सहित जोगेंद्रा गांव को जाने वाली सड़क भी अधूरी है। पीडब्ल्यूडी ने डिबुलगंज से लेकर खजुरा तिराहे तक सड़क स्वीकृत किया था, लेकिन ठेकेदार ने करीब चार किमी तक सड़क बनाया ही नहीं।
पगडंडी की राह पकड़कर करेंगे मतदान
विकासखंड कोन में कुल 64 मतदेय स्थल व 86 बूथ हैं। आचार संहिता लगते ही अधिकारी बूथों का निरीक्षण कर व्यवस्था ठीक कराने में जुटे हैं। इसके बावजूद भी प्रावि. चिवटहिया बूथ संख्या 367-368, प्रावि. अजनिया 369, प्रावि.कुड़वा, पडरक्ष 290, प्रावि. डुमर 363, सतद्वारी 289 समेत पांच बूथों पर पहुंचने के लिए सड़क को दुरुस्त नहीं किया जा सका है। इन बूथों तक पहुंचने के लिए लगभग 300 से 400 मीटर तक पगडंडी चलना पड़ सकता है। बूथ संख्या 363 डुमर में सडक के अलावा बिजली की व्यवस्था भी नहीं है।
बूथों के शौचालय गंदे, कई जगह बिजली भी नहीं
अनपरा। स्थानीय तापीय परियोजना के जीआईसी में मतदान केंद्र है। यहां बिजली और पानी की व्यवस्था तो है लेकिन शौचालय गंदगी से पटे और टूटे हुए हैं। डिबुलगंज प्राथमिक विद्यालय में बिजली कनेक्शन है, लेकिन दिन में बिजली नहीं रहती। हैंडपंप भी खराब है। प्राथमिक विद्यालय जोगेंद्रा में बिजली-पानी की समस्या है। शौचालय का टूटा हुआ है। विद्यालय परिसर में फर्श नहीं बना है। कुलडोमरी गांव के सिदहवां के कंपोजिट विद्यालय में बिजली और पानी है, लेकिन शौचालय में गंदगी है।
सबमर्सिबल बंद, हैंडपंप से निकल रहा लाल पानी
बीजपुर। म्योरपुर ब्लाॅक क्षेत्र के जरहां न्याय पंचायत क्षेत्र में 40 बूथों पर मतदान होना है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय जरहां पर पानी की किल्लत है। विद्यालय में लगा सबमर्सिबल पंप जलस्तर खिसकने से बंद हो चला है। हैंडपंप कई बार चलाने पर लाल दूषित पानी दे रहा है। प्राथमिक विद्यालय जरहा की बाउंड्री टूही है। कंपोजिट विद्यालय सिरसोती, बीजपुर व नेमना में शौचालय की समस्या है। इस क्षेत्र में बिजली भी बड़ी समस्या है। बीजपुर, सिरसोती व केंद्रीय विद्यालय क्रिटिकल ज़ोन में है। ग्राम विकास अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पानी की समस्या को लेकर पाइप बढ़ाने के लिए बोला गया है। शौचालय में दरवाजा व सफाई को जल्द दुरुस्त करा लिया जाएगा।