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Sonebhadra News: बिजली के तार और खंभों के नीचे, ट्रांसफाॅर्मर से सटाकर रखी होलिका

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रॉबर्ट्सगंज के चंडी होटल ​स्थित ट्रांसफार्मर व स्मति द्वार से सटाकर सजाई गई होलिका।  संवाद
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सोनभद्र। रंगों का त्योहार होली नजदीक आते ही जिले भर में होलिका दहन की तैयारियां तेज हो गई हैं। होलिका का आकार हर रोज बढ़ रहा है। त्योहार मनाने के उत्साह में लोग सुरक्षा को भी भूल जा रहे हैं। हाल यह है कि कई जगह बिजली के तारों के ठीक नीचे होलिका स्थापित की गई है तो कहीं ट्रांसफाॅर्मर से सटाकर होलिका दहन की तैयारी है। आग की प्रचंड लपटों से हादसे की आशंका से आमजन तो बेखबर हैं ही, जिम्मेदार विभाग की आंखें मूंदे हुए हैं।
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जिले भर में करीब 1478 स्थानों पर होलिका सजाई जाती है। अकेले रॉबर्ट्सगंज नगर में 20 से अधिक स्थानों पर होलिका सजाई जाती है और होलिका दहन के दिन विधि विधान से पूजन करते हुए होलिका जलाई जाती है। नगर क्षेत्र में जगह-जगह होलिका आकार भी ले चुकी है। रॉबर्ट्सगंज नगर के चंडी तिराहा स्थित आंबेडकर स्मृति द्वार के ठीक नीचे होलिका सजाई जा रही है। वहीं बगल में बिजली का खंभा और ट्रांसफॉर्मर भी लगा हुआ है। स्मृति द्वार से नेताओं केे बैनर-पोस्टर भी टंगे हुए हैं। उत्तर मोहाल स्थित सब्जी मंडी तिराहा पर टेलीफोन के खंभे से सटाकर होलिका सजाई गई है। खंभे के सहारे ऊपर बिजली के तार के साथ ही टेलीफोन व अन्य तार ऊपर से गुजरे हैं। दीपनगर स्थित रोडवेज बस स्टैंड के समीप होलिका सजाई जा रही है। जहां होलिका सजाई गई है, वहीं बगल में दुकानें हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा के समीप सहित अन्य स्थानों पर होलिका सजाते समय बिजली के खंभे और ऊपर से गुजरे बिजली के तारों का ध्यान नहीं रखा गया है। स्थानीय अशोक कुमार, श्रीराम, अनुज, आनंद आदि का कहना है कि होलिका दहन के समय आग की लपटें कई फीट ऊपर तक उठती हैं। ऐसे में ट्रांसफार्मर में खराबी भी आ सकती है।
इन स्थानों पर अच्छे से सजाई गई हैं होलिका
रॉबर्ट्सगंज नगर के दरोगा जी की गली के पास चौराहे पर होलिका सजाई गई है। यहां सजाई जाने वाली होलिका दूसरें जगह होलिका सजाने वालों केे लिए प्रेरणादायक भी है। मोहल्ले के लोग विधि विधान से होलिका सजाते हैं। होलिका दहन करते किसी प्रकार की क्षति न हो, इसका विशेष ख्याल रखा जाता है। इसी तरह दीपनगर पोखरे के पास चौराहा पर होलिका सजाई जाती है। इसके अलावा बीएसएनएल ऑफिस के समीप सजाई जा रही होलिका में इसका विशेष ख्याल रखा गया है।
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होलिका दहन स्थल का चयन करते समय कम से कम सुरक्षित दूरी बनाए रखना आवश्यक है। यदि तार नीचे लटके हों या जर्जर हालत में हों तो खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लोगों से अपील की जाती रही है कि होलिका को खुले मैदान या सुरक्षित स्थान पर ही स्थापित करें। जहां ट्रांसफॉर्मर के समीप या तारों के नीचे होलिका सजाई गई है, वहां से बगल कराकर होलिका दहन करने की अपील की जाएगी।-इं.एसबी ठाकुर, एक्सईएन, रॉबर्ट्सगंज डिवीजन।

रॉबर्ट्सगंज के चंडी होटल स्थित ट्रांसफार्मर व स्मति द्वार से सटाकर सजाई गई होलिका।  संवाद

रॉबर्ट्सगंज के चंडी होटल स्थित ट्रांसफार्मर व स्मति द्वार से सटाकर सजाई गई होलिका।  संवाद

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