घोरावल क्षेत्र के उभ्भा कांड की सातवीं बरशी पर गांव में मौजूद लोग। स्रोत स्वयं
उभ्भा कांड की सातवीं बरसी पर भी उभ्भा गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। उभ्भा-कन्हारी मार्ग, प्राथमिक विद्यालय उभ्भा, घटनास्थल समेत कई जगहों पर पुलिस की नाकेबंदी रही। उभ्भा कांड के घटनास्थल पर जाने वाले रास्ते पर पुलिया के पास बैरियर लगा कर लोगों का आवागमन रोका गया।
मृतकों के परिवारीजन और ग्रामीण घटनास्थल पर बरसी व श्रद्धांजलि कार्यक्रम मनाना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। बताते चलें कि आदिवासी बहुल उभ्भा गांव में गांव में 17 जुलाई 2019 को दो पक्षों में जमीन विवाद के चलते खूनी संघर्ष हुआ था।
इसमें गोंड बिरादरी की 4 महिलाओं समेत 11 की मौत हो गई थी, जबकि 28 लोग घायल हुए थे। शुक्रवार को सातवीं बरसी पर पूरे दिन अलर्ट की स्थिति बनी रही। दोपहर 12 बजे जैसे ही लोगों का जमावड़ा कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड के आवास पर होना शुरू हुआ पुलिस व प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। वहां से ग्रामीण घटना के शिकार हुए लोगों तस्वीरें और फूल माला लेकर आगे बढ़े, मगर एसडीएम आशीष कुमार त्रिपाठी, सीओ राजेश राय, प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह, उभ्भा चौकी प्रभारी त्रिभुवन राय के नेतृत्व में पुलिस फोर्स ने उन्हें प्राथमिक विद्यालय उभ्भा के पास रोक लिया।