सोनभद्र। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस के फैलाव पर रोक के लिए लंबे समय जंग लड़ने की तैयारी में जुट गया है। जंग की रणनीति तैयार कर अमलीजामा पहनाने की कवायद तेज कर दी गई है। यही नहीं, लेबल-एक स्तर के कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए मधुपुर स्थित अस्पताल में ओपीडी बंद कर 30 बेड का कोविद केयर सेंटर तैयार भी कर लिया गया है। यहां कोरोना के वे मरीज रखे जाएंगे, जिनकी जांच रिपोर्ट पाजिटिव तो आई हो लेकिन उनकी हालत ज्यादा गंभीर न हो।
स्वास्थ्य विभाग ने लेबल-एक व लेबल-दो स्तर के मरीजों के लिए कुल करीब 400 बेड का कोविद केयर सेंटर तैयार करने की रणनीति तय की है। उन कोरोना पीड़ितों को लेबल- दो स्तर के कोविद केयर सेंटर में उपचार के लिए रखने की तैयारी है, जिनकी जांच रिपोर्ट तो पाजिटिव हो ही, हालत भी गंभीर हो। लेबल-तीन स्तर की श्रेणी में कोरोना पीड़ित उन मरीजों को रखा गया है, जिनकी जांच रिपोर्ट तो पाजिटिव हो, हालत भी ज्यादा सीरियस हो। ऐसे लोगों को बीएचयू में बने लेबल-तीन स्तर के कोविद केयर सेंटर में रेफर किया जाएगा।
दरअसल, कोरोना संदिग्ध के साथ ही लेबल -एक व दो स्तर के पाजिटिव पाए गए मरीजों सहित अन्य के उपचार के लिए कुल करीब 400 बेड का कोविड केयर सेंटर जल्द से जल्द तैयार कर लेने की रणनीति तैयार की गई है। यह सारी कवायद शासन स्तर से तैयारी तेज करने के दिशानिर्देश आने के क्रम में चल रही है। इसके तहत सर्दी, जुकाम व बुखार आदि की शिकायत के साथ कोरोना संदिग्ध लोगों को रखने के लिए जिला अस्पताल में 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड पहले से तैयार है। यहां रखे गए मरीजों के सैंपल जांच के लिए बीएचयू भेजे जाएंगे। यहां रखे गए जिन मरीजों की जांच रिपोर्ट पाजिटिव आएगी लेकिन हालत कोई ज्यादा सीरियस नहीं होगी तो उन्हें तत्काल मधुपुर में बनाए गए लेबल-एक स्तर के 30 बेड के कोविद केयर सेंटर में शिफ्ट कर इलाज शुरू कर दिया जाएगा।
लेबल-1 स्तर का 100 बेड का कोविद केयर सेंटर जिला अस्पताल परिसर में तैयार करने की तैयारी भी तेज कर दी गई है। इसके अलावा कुछ अन्य जगहों पर भी लेबल -1 व लेबल-2 स्तर के कोविद केयर सेंटर तैयार करने की कवायद अंदर ही अंदर जारी है। इसके लिए चिकित्सकों की टीम रेणुकूट और ओबरा स्थित परियोजनाओं के अस्पतालों का जायजा ले चुकी है। हालांकि परियोजनाओं के अस्पतालों को कोविंद केयर सेंटर के रूप में तब्दील किए जाने के लिए विचार-विमर्श अभी प्रारंभिक दौर में है। ऐसा इसलिए है क्योंकि परियोजनाओं के अस्पतालों को ज्यादा जरूरी होने पर ही कोविद केयर सेंटर के रूप में तब्दील किए जाने पर विचार चल रहा है। फिलहाल जिला अस्पताल परिसर में लेबल-1 स्तर का 100 बेड का कोविद केयर सेंटर जल्द तैयार कर लेने को लेकर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
जबकि लेबल-2 स्तर के कोविद केयर सेंटर तैयार करने के लिए कवायद अभी प्रारंभिक चरण में है। हालांकि इसके लिए उपयुक्त जगह की तलाश तेजी से की जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.एसके उपाध्याय का कहना है कि लेबल-1 स्तर का 30 बेड का कोविद केयर सेंटर मधुपुर में तैयार है। मधुपुर सीएचसी को लेबल-1 स्तर के कोविद केयर सेंटर के रूप में तब्दील कर दिया गया है। इसी तरह फिलहाल जिला अस्पताल परिसर में भी 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड के अलावा अलग से लेबल-1 स्तर का कोविंद केयर सेंटर तैयार करने के बारे में विचार -विमर्श चल रहा है। यहां छह वेंटिलेटर भी मंगा लिए गए हैं। इन कोविंद केयर सेंटरों में आक्सीजन व वेंटिलेटर की तत्काल जरूरत रहती है। सारी तैयारी शासन स्तर से मिले निर्देशों के क्रम में की जा रही है।