सोनभद्र। जिम्मेदारों की उपेक्षा के कारण जिले में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन अब कागजों में ही सिमट कर रह गया है। संसाधनों के अभाव के कारण मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो माह से बिना जांच की सुविधा के आरोग्य मेला लगाया जा रहा है।
रविवार को जिले के 20 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। सीएमओ कार्यालय से चंद कदम दूर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एलटी का दो माह पूर्व स्थानांतरण होने के बाद यह पद रिक्त हैं। ऐसे में यहां आम दिनों में भी ओपीडी में मरीजों को सिर्फ लक्षण के आधार पर दवा दी जा ही है। कुछ ऐसी ही स्थिति यहां दो माह के दौरान लगने वाले जन आरोग्य मेले की भी रही है। यहां रविवार को आरोग्य मेले में जांच का कोई खास इंतजाम नहीं है। रविवार को डॉ. जेपी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित मेले में कुल 47 मरीज पहुंचे। ज्यादतर मरी बुखार, सर्दी, पेट के रहे। हालांकि उन्हें बिना किसी जांच के ही दवाएं दी गई।