जुगैल क्षेत्र की पहाड़ी पर हाफ मून बेंडिंग तकनीक से लौटाई गई हरियाली। - संवाद
सोनभद्र। हाॅफ मून बेंडिंग तकनीक के जरिए उजाड़ हो चुकी पहाड़ी पर हरियाली लौट आई है। पायलट प्रोजेक्ट के जरिए जुगैल क्षेत्र की पहाड़ी पर दो हेक्टेयर एरिया में नीम के 14 हजार पौधों को तैयार करने में सफलता मिली है। इसके लिए पौधरोपण के साथ ही अर्ध चंद्राकार गड्ढों का घेरा बनाकर बीजों की छिंटाई की गई थी। इसके अच्छे परिणाम को देखते हुए दूसरी पहाड़ियों, वीरान हो चुकी जगहों पर भी इस तकनीक से पौधों के रोपण-उगाने की योजना बनाई जा रही है।
बताया जा रहा है कि चोपन ब्लाॅक के जुगैल ग्राम पंचायत में नवडिहवा टोला स्थित पहाड़ी लंबे समय से उजाड़ हालत में पड़ी हुई है। गत जून माह में इस पहाड़ी को हॉफ मून बेंडिंग (पौधों को लंबे समय तक पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए अर्ध चंद्राकार गड्ढों का घेरा) तकनीक के जरिए हरा-भरा बनाने की रणनीति बनाई गई। बारिश के सीजन में यहां लगभग 14 हजार पौधों का रोपण किया गया। वहीं गड्ढों के किनारे बीज छिंटे गए।
बारिश के साथ ही रोपे गए पौधों के लगने के साथ ही छींटे गए बीजों से पौधों के उगने की स्थिति सामने आई तो नई तकनीक के जरिए पौधों का हरा-भरा करने में जुटे अफसरों के साथ ही, इस कवायद से जुड़े अफसरों के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई। उपायुक्त मनरेगा रवींद्र वीर ने बताया कि जो पहाड़ी कुछ माह पहले तक बिल्कुल उजाड़ पड़ी हुई थी। अब उस पर पौधों के रूप में सामने आई हरियाली सुकून देने लगी है।
वर्जन -
खास तकनीक से उजाड़ पड़ी पहाड़ी को हरा-भरा करने की कवायद के खासे अच्छे परिणाम सामने आए हैं। आगे चलकर वीरान पड़ी दूसरी जगहों पर भी इस तरह की तकनीक अपनाई जाएगी। -जागृति अवस्थी, सीडीओ सोनभद्र।