सोनभद्र। साइबर क्राइम के मामले जिले में तेजी से बढ़े हैं। इसकी संख्या अन्य तरह के अपराधों से भी ज्यादा है। हर रोज जिले में साइबर क्राइम के सात मामले दर्ज हो रहे हैं। यह संख्या सिर्फ पुलिस रिकॉर्ड की है। इसके अलावा भी तमाम लोग ऐसे हैं, जो शिकायत नहीं करते। पुलिस के मुताबिक हर दसवां व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो रहा है।
महज 10 माह में (जनवरी से अक्तूबर) इसकी शिकायत से जुड़े पोर्टलों और पुलिस तक तहरीर के जरिए पहुंचने वाले कुल मामलों की संख्या 2000 को पार कर गई है।
इस अवधि में महज इसकी शिकायत से जुड़े पोर्टलों पर 1952 मामले दर्ज हुए हैं। शिकायत मिलने में ज्यादा देर होने के कारण जहां कई प्रकरणों का खुलासा भी चुनौती बन गया है। वहीं इस अवधि में 72 मामलों का खुलासा करते हुए पुलिस 29.50 लाख रुपये पीड़ितों को वापस दिला चुकी है।
साइबर ठगी के ऐसे तरीके कि उड़ जाएंगे होश
साइबर क्राइम के डिजिटल अरेस्ट, व्हाट्सएप हैकिंग, विदेशी महिला बनकर सोशल मीडिया पर दोस्ती, ई-केवाईसी, ऑनलाइन बाजार, ऑनलाइन गेमिंग, क्यू आर कोड स्कैम, स्क्रीन शेयरिंग के जरिए फर्जीवाड़ा तो किया ही जा रहा है। मोबाइल पर अश्लील वीडियो, पोर्न देखने, उसे सर्च करने की जानकारी निकालकर भी लोगों को बदनामी का डर दिखाते हुए ठगी की जा रही है। नौकरी, लोन, सरकारी योजनाओं के लाभ के बहाने भी ठगी हो रही है।
कदम-कदम पर खतरा, बरतनी होगी सावधानी
0 व्हाट्सएप पर मिलने वाले शादी कार्डों को सोझ-समझकर ही क्लिक करें। महज एक बार की असावधानी आपके बैंक खाते को खाली कर देगी।
0 यूपीआई को लेकर खास सावधानी बरतें। क्योंकि इससे सिर्फ आईफोन, स्मार्टफोन से ही नहीं, कीपैड मोबाइल से भी पैसे निकाले जा सकते हैं।
0 चोरी होने वाले मोबाइल के सिम का भी धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे बचने के जरूरी है कि सिम को भी पासवर्ड के जरिए लॉक रखें।
0 किसी भी साइबर अपराधी की कॉल से घबराएं नहीं। उनके पास ऐसा कोई भी डाटा नहीं होता जिससे वह आपको बदनाम कर सकें।
0 जब भी कोई कॉलर खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए गिरफ्तारी-कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे मांगे या कोई विवरण मांगे तो घबड़ाए नहीं तत्काल फोन काटकर नजदीकी थाने को सूचित करें।
0 अगर कोई एफआईआर का डर दिखा रहा तो घबराने की बजाय तत्काल नजदीकी थाने से संपर्क कर सत्यता जांचें। वीडियो काॅल रिसीव करते वक्त सावधानी बरतें।
0 किसी भी गेमिंग एप के वालेट में पैसे भेजने से बचें। आसानी से पैसा बनाने के लालच में किसी भी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन न करें। घर बैठे कमाएं जैसे आफरों से बचें।
0 आधार नंबर, बैंक खाता, यूपीआई आईडी, पैन नंबर आदि किसी से साझा न करें। कस्टमर केयर अधिकारी का मोबाइल नंबर खोजते समय सावधानी बरतें।
0 फ्री वाईफाई, काफी कम कीमत पर ऑनलाइन शापिंग आदि से बचें। बनने पर क्यूआर कोड को प्रमाणित सुरक्षा ऐप से जांच लें इसके बाद ही विश्वास करें।
0 साइबर अपराध या ठगी का शिकार होने पर टोल फ्री नंबर 1930 डायल करें या संबंधित वेबसाइट-पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
वर्जन -
हर 10वां व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो रहा है। डर, लालच, नौकरी के लिए विदेश बुलाने के आफर से बचना होगा। ऐसे लोगों के चंगुल में फंसने पर जिंदा लौटने की उम्मीद न के बराबर होती है। - अमित दुबे, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ।
साइबर अपराध से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति का जागरूक रहना जरूरी है। साइबर अपराध को सूचीबद्ध करने वाले पोर्टलों व थानों से सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। -अभिषेक वर्मा, एसपी सोनभद्र।
सेमिनार-गोष्ठी के जरिए लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। देश की सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन रहे इस अपराध पर नियंत्रण के लिए जरूरी है कि प्राइमरी से लेकर ग्रेजुएशन तक पाठ्यक्रम का एक स्तर तैयार किया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक इसके तरीके और बचाव को लेकर सचेत हो सके। -डाॅ.रामसेवक यादव, प्राचार्य, राजकीय पीजी कॉलेज दुद्धी।