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Sonebhadra News: माध्यमिक विद्यालयों में गुरुजी कर रहे बाबूगिरी

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सोनभद्र। जिले के माध्यमिक स्कूलों में लिपिकों की भारी कमी हैं। ऐसे में प्रवक्ताओं से बाबू का कार्य लिया जा रहा है। इससे पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो रहा है। इसको लेकर कई स्कूलों में नाराजगी है।
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जिले के अलग-अलग इलाकों में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 56 राजकीय काॅलेज संचालित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त 10 एडेड काॅलेज भी स्थापित हैं। इन स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास चल रहा है। हालांकि इन स्कूलों में प्रधानाचार्य से लेकर प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों के पर रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में जुगाड़ के व्यवस्था से कई सेवाएं संचालित हो रही है। माध्यमिक स्कूलों में सबसे खराब स्थिति लिपिकों की तैनाती में है। आंकड़ाें पर गौर करें तो पूर्व में स्थापित 38 राजकीय हाईस्कूल में से महज चार में ही लिपिक तैनात हैं, जबकि 34 राजकीय स्कूलों में सहायक अध्यापकों से बाबू का काम कराया जा रहा है। इसी तरह से पूर्व में स्थापित 12 राजकीय इंटर काॅलेजों में से दो काॅलेजों में लिपिक तैनात नहीं हैं। ऐसे में उनका काम सहायक अध्यापक और प्रवक्ता के कंधाें पर है। इसी तरह पिछले दो से तीन सालों में संचालित छह नये राजकीय इंटर काॅलेजों में से एक में भी लिपिक तैनात नहीं किए जा सके हैं, जबकि जिले के दस माध्यमिक काॅलेजों में से दो में लिपिक नहीं हैं। ऐसे में यहां प्रवक्ता और सहायक अध्यापकोंं से लिपिक का कार्य लिया जाता है। इनके भरोेसे ही सूचनाएं इकठ्टा करना, बोर्ड परीक्षा, परीक्षा फार्म दाखिला सहित अन्य जिम्मेदारी होती है। काम की अधिकता के कारण शिक्षक कार्य प्रभावित हो रहा है। कई काॅलेजों में इससे रोष है। हालांकि जिम्मेदार चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

केस: 1 राबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र के राजकीय इंटर काॅलेज खैरपुर में लिपिक की तैनाती नहीं हैं। पूर्व में यहां तैनात लिपिक के एक बार फिर से बीएसए आफिस वापसी के बाद यहां पर रिक्त है।
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केस:2 घोरावल स्थित राजकीय इंटर काॅलेज में भी लिपिक की तैनाती नहीं है। इससे कई तहरीके के कार्य प्रभावित है।

जिन स्कूलों में लिपिकों की तैनाती नहीं है। उसकी सूचना उच्चाधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से दी जा चुकी है। फिर मामले से अवगत कराते हुए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। -जयराम सिंह, डीआईओएस।
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