सोनभद्र। ग्राम पंचायतों में भुगतान में लगातार मनमानी हो रही है। गेटवे पोर्टल का उपयोग किए बिना धड़ल्ले से भुगतान किए जा रहे हैं। अगस्त में प्रदेश की 1109 ग्राम पंचायतों ने पोर्टल को बाईपास कर 17.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसमें पूर्वांचल के दस जिलों की 209 ग्राम पंचायतें भी शामिल हैं। इन पंचायतों से 3.24 करोड़ रुपये का भुगतान पोर्टल के बिना ही हुआ है। मामला उजागर होने के बाद पंचायती राज निदेशक ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए पंचायत गेट वे पोर्टल से भुगतान की व्यवस्था की गई है। ग्राम सचिवालय में स्थापित कम्प्यूटर के माध्यम से ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर कार्ययोजनाओं को अपलोड करते हुए भुगतान का कार्य पंचायत गेट वे पोर्टल के माध्यम से किए जाने हैं। इस तरह से होने वाले भुगतान का विवरण कोई भी व्यक्ति देख सकता है। उससे होने वाले कार्यों की निगरानी भी कर सकता है। शासन की सख्त हिदायतों के बावजूद पंचायतों से भुगतान में मनमानी और गड़बड़ियां नहीं थम रही। निदेशालय ने अगस्त माह में 11 से 31 तारीख के बीच सूबे की सभी ग्राम पंचायतों का विवरण निकाला तो 70 जिलों की 1109 ग्राम पंचायतों में पंचायत गेट-वे पोर्टल को बाइपास कर 17.35 करोड़ रुपये भुगतान की पोल खुली है। इसके लिए 7256 बार ट्रांजेक्शन किया गया है। पूर्वांचल के दस जिलों में 209 ग्राम पंचायतों में इस तरह से 3.24 करोड़ रुपये का भुगतान 1303 ट्रांजेक्शन के जरिए किया गया है। इसमें सोनभद्र की भी 12 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। उनकी ओर से 57 ट्रांजेक्शन के जरिए 14.40 लाख रुपये की अदायगी हुई है। सबसे ज्यादा मऊ में 44 ग्राम पंचायतों ने 1.01 करोड़ का भुगतान किया है।
क्या है पंचायत गेटवे
पंचायत गेटवे प्रदेश सरकार की ओर से विकसित एक प्रणाली है, जो ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के साथ मिलकर काम करती है। इससे ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाती है। यह एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए पंचायत सहायक बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (आंखों की पुतली का सत्यापन) और फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया को पूरा करते हैं। इसका विवरण भी पोर्टल पर प्रदर्शित होता है, जिसे गांव का कोई भी व्यक्ति देख सकता है।
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गड़बड़ी की आशंका, जांच के निर्देश
पंचायत गेटवे पोर्टल को बाईपास पर भुगतान में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए पंचायतीराज निदेशक अमित सिंह ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंडलीय उपनिदेशक को पत्र जारी कर कहा है कि पंचायत गेटवे पोर्टल का उपयोग न करते हुए सर्वाधिक भुगतान करने वाली दो ग्राम पंचायतों का खुद जांच कर कार्रवाई करें। इसके अलावा सभी डीपीआरओ को ग्राम पंचायतों के सचिव, एडीओ पंचायत और अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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सोनभद्र के इन गांवों में किया गया भुगतान
चतरा ब्लॉक के डोधरी, कूरा कलां, दुद्धी के डूमरा, घोरावल के बरनवा, रॉबर्ट्सगंज के बरवां, कबरी, मकरी, मुठेरा, पुरना, तरावां गांव शामिल हैं। इन ग्राम पंचायतों से कुल 1440322 रुपये का भुगतान पंचायत गेट वे पोर्टल से इतर किया गया है।
पूर्वांचल के 10 जिलों में यह है स्थिति::
जिला: ग्राम पंचायत: हुआ भुगतान
सोनभद्र: 12: 1440322
आजमगढ़: 35: 4658107
बलिया: 08: 1163555
चंदौली: 18: 3143068
गाजीपुर: 21: 3124149
मऊ: 44: 10196259
मिर्जापुर: 31: 3508087
भदोही: 09: 2765036
वाराणसी: 10: 343805
जौनपुर: 21: 2139305
कुल: 209: 32481693
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वर्जन...
सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत गेटवे पोर्टल के जरिये ही भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद जिन ग्राम पंचायतों ने पोर्टल को बाईपास कर भुगतान किया है, उनके सचिवों, पंचायत सहायकों और एडीओ पंचायत को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - नमिता शरण, जिला पंचायतीराज अधिकारी, सोनभद्र।