अब जिले में अनाज की कालाबाजारी करना आसान नहीं होगा। शासन के निर्देश पर आपूर्ति विभाग ने गोदामों से कोटे की दुकानों तक अनाज ले जाने वाले वाहनों में जीपीएस लगवाने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। हर गोदाम पर जीपीएस से लैस ट्रैक्टर-ट्राली समेत अन्य वाहन लगाए जाएंगे। गोदामों से जीपीएस लगे वाहनों से राशन कोटेदारों के यहां पहुंचाया जाएगा। दफ्तर में बैठकर अधिकारी इन वाहनों की लोकेशन लेते रहेंगे।
आने वाले दिनों में सरकारी गोदामों से अब कोटेदार खुद राशन नहीं ले जा सकेेंगे। उनकी दुकान तक ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत अन्य वाहनों से राशन पहुंचाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक गोदाम पर जीपीएस से लैस वाहन लगाए जाएंगे। इनकी जिला मुख्यालय, लखनऊ समेत अन्य जगहों से निगरानी होगी। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार कोटेदार निर्धारित तिथियों में ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर गोदाम पहुंचते हैं और वहां उन्हें निर्धारित मात्रा के अनुसार राशन दिया जाता है। इसमें कई बार कोटेदारों पर रास्ते में ही राशन की कालाबाजारी करने का आरोप लगता है। शासन स्तर पर भी इस तरह की शिकायतें पहुंच रही हैं। इस वजह से अब जल्द ही इस व्यवस्था में बदलाव होने जा रहा है। गोदाम से राशन लेेने की जिम्मेदारी कोटेदार की नहीं रहेगी। खाद्य एवं विपणन विभाग ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत अन्य वाहनों से प्रत्येक माह राशन कोटेदार की दुकान तक पहुंचाएगा, वहां कोटेदार राशन रिसीव करेगा। राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। उक्त निर्देश के क्रम में आपूर्ति विभाग ने तैयारियां तेज कर दी है।
पूर्व में जिले के दो ब्लॉकों में डोर स्टेप डिलेवरी की व्यवस्था थी लेकिन वर्तमान में वहां भी बंद है। गोदामों से अनाज कोटे की दुकानों पर ले जाने वाले वाहनों में जीपीएस लगवाए जाएंगे। जल्द ही गोदामों से जीपीएस लगे वाहनों से राशन कोटेदारों के यहां भेजवाया जाएगा। - गौरी शंकर शुक्ला, जिलापूर्ति अधिकारी