यहां होने वाले विकास कार्यों में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कार्यों में गुणवत्ता को लेकर विभागीय अधिकारियों को चेतावनी भी दी। समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड ने कहा कि आजादी के 70 वर्ष बाद इस आदिवासी क्षेत्र में आवागमन के लिए भाजपा सरकार में ही पुल निर्माण कर आज जनता को समर्पित कर दिया गया। इससे रेणुकापार के आदिवासी क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुगमता के साथ ही रोजगार के नए साधन उपलब्ध होंगे।
निर्माणाधीन 1320 मेगावाट की ओबरा सी परियोजना की ऐश डैम की पाइपलाइन भी इसी पुल से होकर चकाड़ी गांव में बने ऐश डैम तक ले जाई जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए पुल की चौड़ाई रखी गई है। ऐश की पाइप लाइन के लिए 6.70 मीटर रिजर्व रखा गया है। इस पुल के निर्माण की लागत में विद्युत उत्पादन निगम ने भी लगभग 33 करोड़ रुपये दिए हैं।
वहीं पुल के पूर्वी किनारे पर स्थानीय ओम चौराहा तक और पश्चिमी किनारे पर राखी बंधा तक पक्के संपर्क मार्ग का भी निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। रेणुका नदी पर यह पुल 73 करोड़ 25 लाख 43 हजार की लागत से बनाया गया है। पुल की कुल लंबाई 486.20 मीटर और चौड़ाई लगभग 15.614 मीटर है।
कैम्हापान-कुम्हिया वाया गुरमुरा मार्ग का सामान्य मरम्मत के साथ नवीनीकरण का कार्य, चकरिया से भरहरी मार्ग का नवीनीकरण, टूसगांव से देवखर वाया सरसहवाँ मार्ग के मरम्मत के साथ नवीनीकरण का कार्य, जुगैल से बैलगड़ी मार्ग का मरम्मत के साथ नवीनीकरण कार्य, परसोई मार्ग का मरम्मत और नवीनीकरण, सिंदुरिया से खैरटिया मार्ग का मरम्मत और नवीनीकरण कार्य।