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घोरावल सीट ने बढ़ाई सपाइयों की बेचैनी

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जिले की तीन सीटों पर सपा उम्मीदवारों की घोषणा ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। इन इलाकों में घोषित उम्मीदवार अपने चुनावी अभियान को गति देने में जुट गए हैं तो दूसरी ओर घोरावल सीट पर मामला अब भी अटका हुआ है। सपा ने यहां से प्रत्याशी घोषित न कर कई दावेदारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। दूसरे दल भी अब सपा के दांव का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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पूर्व के परिणामों के आधार पर सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ने के लिए कई दावेदारों ने भागदौड़ शुरू कर दी थी। टिकट के लिए वह एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए थे। इस बीच बृहस्पतिवार को सपा ने सदर, दुद्धी और ओबरा सीट पर उम्मीदवार का नाम घोषित कर दिया। घोरावल सीट पर कोई फैसला नहीं हुआ है। यहां से एक पूर्व विधायक के अलावा एक पूर्व ब्लाक प्रमुख, एक जनप्रतिनिधि के पुत्र समेत कई नाम चर्चा में हैं। उनकी ओर से क्षेत्र में प्रचार भी शुरू कर दिया गया था, लेकिन पार्टी की सूची में नाम स्पष्ट न होने से सभी दावेदारों की बेचैनी बढ़ी हुई है। दावेदारों ने लखनऊ में डेरा डाल दिया है। भाजपा, बसपा सहित अन्य खेमों में भी विपक्षी खेमे के प्रत्याशी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं तो खेमेबाजी को लेकर चिंता भी बढ़ी है। सपा के स्थानीय पदाधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी जिसका नाम तय करेगी, उसके लिए हर कार्यकर्ता जीजान लगा देगा।
सपा से टिकट घोषणा के बाद गोंगपा में फूट
सपा से उम्मीदवारों के नाम घोषित होते ही गठबंधन में सहयोगी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी में फूट पड़ गई है। पार्टी के एक धड़े ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर गठबंधन को न मानने का एलान किया तो दूसरे खेमे ने इसे राष्ट्रीय नेतृत्व के फैसले का अपमान बताते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही है।
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गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री अशरफी लाल परस्ते ने कहा कि सपा से गठबंधन के दौरान अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित जिले की दुद्धी या ओबरा सीट पार्टी को देने का भरोसा दिया गया था लेकिन सपा ने दोनों जगह से अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। यह न्याय संगत नहीं है। गठबंधन का हम विरोध करेंगे। उनके साथ प्रह्लाद सिंह आयम, राजबली पोया, धर्मेंद्र पासवान, रोशन सिंह चंदो, हरिप्रसाद, अमर सिंह मरकम आदि रहे। वहीं पार्टी के जिलाध्यक्ष रामनरेश पोया का कहना था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर सिंह मरकम ने समाजवादी गठबंधन को जिताने का निर्देश दिया है। पूरा संगठन उनके साथ है। कुछ लोग निहित स्वार्थों में नेतृत्व के फैसले का अपमान कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
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