इंजीनियरिंग कॉलेज के मेस में चूल्हे पर बनता खाना।
सोनभद्र। एलपीजी सिलिंडर की कमी का असर अब राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की मेस व्यवस्था पर भी साफ नजर आने लगा है। कॉलेज परिसर में संचालित चार छात्रावासों में रहने वाले 800 से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए भोजन बनाने के लिए भट्ठी और इंडक्शन चूल्हा का सहारा लिया जा रहा है।
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में चार छात्रावास हैं। तीन छात्रावास में छात्र तो एक छात्रावास में छात्राएं रहती है। कॉलेज में इस समय में करीब 800 से अधिक छात्र-छात्राएं छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। प्रत्येक छात्रावास में रह रहे छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग मेस का संचालन हो रहा है। जहां प्रतिदिन छात्र-छात्राओं को भोजन उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन बीते कुछ दिनों से एलपीजी गैस सिलिंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण मेस संचालन पर असर पड़ा है। गैस की कमी के चलते समय पर सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में मेस संचालकों को मजबूरी में पारंपरिक भट्ठी का सहारा लेना पड़ रहा है। भट्ठी और इंडक्शन चूल्हा पर भोजन बनाने में अधिक समय और मेहनत लग रही है। मेस संचालकों का कहना है कि करीब 12 दिन से गैस आपूर्ति की किल्लत बनी हुई है। इससे दिक्कत हो रही है। हालांकि छात्र-छात्राओं को दिए जाने वाले मेन्यू पर कोई असर नहीं पड़ा है। गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं होने से समय और मेहनत अधिक लग रहा है।