पंचायती राज व ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह शनिवार के जिले में पहुंचे। सदर ब्लाक के विभिन्न गांवों में मनरेगा व पंचायती राज विभाग से कराए गए कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर सफाई में लापरवाही बरतने वाले एडीओ पंचायत और ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया। निरीक्षण में सब बेहतर दिखाने के लिए कूड़ा जलाने में दोनों की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
अपर मुख्य सचिव पहले सुकृत पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थी शीला सिंह के आवास के समक्ष पूजन कर गृह प्रवेश कराया। ग्रामीणों को इस योजना के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार सबको आवास देने के लिए प्रतिबद्ध है। धनराशि का दुरुपयोग न करें। इस दौरान ग्रामीणों ने मधुपुर गांव में पंचायत भवन के पीछे गंदगी का ढेर लगे होने की शिकायत की। इसे गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव ने मौके पर चलने को कहा। इसकी भनक लगते ही एडीओ पंचायत और ग्राम विकास अधिकारी पहले ही पहुंच गए। कूड़ा हटाने की बजाय उसमें आग लगा दी गई। अपर मुख्य सचिव (एसीएस) मौके पर पहुंचे तो कूड़ा जलता देख भड़क उठे। ग्रामीणों ने आनन-फानन कूड़ा जलाए जाने की जानकारी दी। गुस्से से तमतमाए एसीएस ने करमा ब्लाक के एडीओ पंचायत राम शिरोमणि पाल और ग्राम विकास अधिकारी दीपक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया। उन्होंने डीपीआरओ और बीडीओ को साफ-सफाई में सजगता बरतने का निर्देश दिया। वहां से सीधे पसहीं पहुंचे। मनरेगा से तालाब खोदाई के निरीक्षण के दौरान मजदूरों ने समय से मजदूरी का भुगतान न होने की शिकायत की। इस पर संबंधितों को फटकार लगाते हुए नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय आदि का भी निरीक्षण किया। इस दौरान डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, डीपीआरओ विशाल सिंह आदि मौजूद रहे।