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UP: एमबीबीएस में दाखिले का झांसा, ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा; सोनभद्र में सरगना सहित तीन गिरफ्तार

Thu, 02 Apr 2026 11:42 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

Sonbhadra News: ठगी करने के मामले में एसपी ने छह सदस्यीय टीम गठित कर खुलासे के निर्देश दिए थे। लखनऊ में आरोपियों के होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और सभी को गिरफ्तार कर लिया।
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ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला
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UP News: नीट देने वाले अभ्यर्थियों को निजी कॉलेजों में सीट पक्की कराने का भराेसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। सोनभद्र की साइबर पुलिस ने लखनऊ से सरगना संचित चंद्रा सहित विनय कुमार मौर्या व आकाश सिन्हा को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में गिरोह के तार यूपी, हरियाणा, आंध्र प्रदेश के साथ ओडिशा तक फैले होने के संकेत मिले हैं। 

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कई बड़े कोचिंग संस्थान और मेडिकल कॉलेज के लोगों से भी गिरोह का जुड़ाव मिला है। गिरोह 2017 से सक्रिय है। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पुलिस टीम बृहस्पतिवार को सोनभद्र पहुंची और न्यायालय में पेश किया। वहां से उन्हें 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर जिला कारागार भेज दिया गया।

पिछले दिनों सोनभद्र के एक व्यक्ति ने साइबर थाने पहुंचकर तहरीर दी थी। बताया कि एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर उससे 22 लाख की ठगी कर ली गई है।धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर प्रभारी निरीक्षक डीके चौधरी ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि ठगी के तार लखनऊ से जुड़े हैं। एसपी ने छह सदस्यीय टीम गठित कर खुलासे के निर्देश दिए। बैंक खातों के विश्लेषण, मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग आदि से पता चला कि गिरोह के सरगना सहित तीन लोग लखनऊ के चारबाग बस स्टैंड के पास जूडियो शॉपिंग माल में मौजूद हैं।
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पुलिस ने कृष्णानगर, लखनऊ के संचित चंद्रा, कंघी-नेवाजगंज, लखनऊ निवासी विनय कुमार मौर्या, सिकंदराबाद (आंध्र प्रदेश) जिले के बोईगपल्ली निवासी आकाश सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से धोखाधड़ी में प्रयुक्त होने वाले मोबाइल फोन के अलावा कई बैंकों के एटीएम कार्ड, रुपये जमा करने की रसीद, एचडीएफसी बैंक का बिना भरा चेक बरामद किया गया है।

लखनऊ के जेबी अंपायर में खोला था दफ्तर, टेली कॉलर के जरिये करते थे ठगी
पुलिस को पूछताछ में पता चला कि गिरोह ने अपोलो हाॅस्पिटल के पास स्थित जेबी अंपायर में चौथे फ्लोर पर ऑप्टिमस एजुकेशन कंसल्टेंसी के नाम से दफ्तर खोल रखा है। कुछ लोगों के जरिए प्रदेश के बड़े-बड़े कोचिंग सेंटरों-काॅलेजों का डाटा ऑनलाइन मंगवाया जाता है। दफ्तर में स्थापित काॅल सेंटर के जरिये ऐसे छात्रों से संपर्क साधा जाता है जो नीट उत्तीर्ण कर लिए हों और किसी कारणवश प्रवेश से वंचित रह गए हों या फिर मनपसंद कॉलेज न मिल रहा हो। 

ऐसे लोगों से भी संपर्क साधा जाता था जो नीट देने जा रहे हों या परीक्षा दे रखी हो। इसके बाद उन्हें सरकारी और प्रतिष्ठित निजी काॅलेजों में सीट पक्की कराने का भरोसा दिया जाता था और उनसे विभिन्न खातों में अच्छी-खासी रकम मंगाकर हड़प ली जाती थी। प्रभारी निरीक्षक डीके चौधरी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

चिह्नित किए जा रहे नेटवर्क से जुड़े नाम, कई और की हो सकती है गिरफ्तारी
प्रभारी निरीक्षक डीके चौधरी ने बताया कि आरोपियों का लखनऊ, जालौन और सोनीपत से सीधा जुड़ा पाया गया है। ओडिशा के लोगों से भी नेटवर्क जुड़े होने के संकेत मिले हैं। नेटवर्क में कौन-कौन जुड़े हैं और ठगी के इस रैकेट में उनकी क्या भूमिका है? इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही कई और गिरफ्तारी हो सकती हैं। गिरोह से जुड़े हर नेटवर्क को खंगालने का काम जारी है।
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संचित और विनय के खिलाफ लखनऊ-पानीपत, जालौन में दर्ज हैं मामले
संचित के खिलाफ लखनऊ के जानकीपुरम में तीन, जालौन में एक, सोनीपत में तीन मामले धोखाधड़ी और ठगी की रकम हड़पने के दर्ज हैं। यह मामले वर्ष 2018 से 2025 के बीच दर्ज हुए हैं। विनय के खिलाफ जालौन के साइबर थाने में पिछले वर्ष एक मामला दर्ज हो चुका है। गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े पाए गए हैं। इस गिरोह का नेटवर्क कहां तक और किन-किन लोगों से जुड़ा है, इन सारी चीजों की छानबीन और संलिप्तों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। - अभिषेक वर्मा, एसपी।
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