लखनऊ के जेबी अंपायर में खोला था दफ्तर, टेली कॉलर के जरिये करते थे ठगी
पुलिस को पूछताछ में पता चला कि गिरोह ने अपोलो हाॅस्पिटल के पास स्थित जेबी अंपायर में चौथे फ्लोर पर ऑप्टिमस एजुकेशन कंसल्टेंसी के नाम से दफ्तर खोल रखा है। कुछ लोगों के जरिए प्रदेश के बड़े-बड़े कोचिंग सेंटरों-काॅलेजों का डाटा ऑनलाइन मंगवाया जाता है। दफ्तर में स्थापित काॅल सेंटर के जरिये ऐसे छात्रों से संपर्क साधा जाता है जो नीट उत्तीर्ण कर लिए हों और किसी कारणवश प्रवेश से वंचित रह गए हों या फिर मनपसंद कॉलेज न मिल रहा हो।
ऐसे लोगों से भी संपर्क साधा जाता था जो नीट देने जा रहे हों या परीक्षा दे रखी हो। इसके बाद उन्हें सरकारी और प्रतिष्ठित निजी काॅलेजों में सीट पक्की कराने का भरोसा दिया जाता था और उनसे विभिन्न खातों में अच्छी-खासी रकम मंगाकर हड़प ली जाती थी। प्रभारी निरीक्षक डीके चौधरी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
चिह्नित किए जा रहे नेटवर्क से जुड़े नाम, कई और की हो सकती है गिरफ्तारी
प्रभारी निरीक्षक डीके चौधरी ने बताया कि आरोपियों का लखनऊ, जालौन और सोनीपत से सीधा जुड़ा पाया गया है। ओडिशा के लोगों से भी नेटवर्क जुड़े होने के संकेत मिले हैं। नेटवर्क में कौन-कौन जुड़े हैं और ठगी के इस रैकेट में उनकी क्या भूमिका है? इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही कई और गिरफ्तारी हो सकती हैं। गिरोह से जुड़े हर नेटवर्क को खंगालने का काम जारी है।
संचित और विनय के खिलाफ लखनऊ-पानीपत, जालौन में दर्ज हैं मामले
संचित के खिलाफ लखनऊ के जानकीपुरम में तीन, जालौन में एक, सोनीपत में तीन मामले धोखाधड़ी और ठगी की रकम हड़पने के दर्ज हैं। यह मामले वर्ष 2018 से 2025 के बीच दर्ज हुए हैं। विनय के खिलाफ जालौन के साइबर थाने में पिछले वर्ष एक मामला दर्ज हो चुका है। गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े पाए गए हैं। इस गिरोह का नेटवर्क कहां तक और किन-किन लोगों से जुड़ा है, इन सारी चीजों की छानबीन और संलिप्तों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। - अभिषेक वर्मा, एसपी।