जिले में डिजिटल अरेस्ट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ताजा मामला ओबरा थाना क्षेत्र का है। बेटे को रेप केस में फंसा होने का हवाला देकर जालसाजों ने पुलिस अधिकारी बनकर सेवानिवृत्त लिपिक से 1.10 लाख रुपये ले लिए। मामले में पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी है।
ओबरा क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक महाराष्ट्र में नौकरी करता है। गत 10 अप्रैल को उसके सेवानिवृत्त लिपिक पिता को दो नंबरों से फोन आया। खुद को महाराष्ट्र से क्राइम ब्रांच से बताते हुए कहा कि तुम्हारा बेटा रेप केस में फंसा है। एआई के जरिए बेटे की पिटाई और हूटर की आवाज भी सुनाया गया। इसमें बेटा रोते हुए खुद को बचाने की गुहार लगाता रहा।
बेटे को छोड़ने और केस से बचाने के बदले पिता ने सात बार में 1.20 लाख रुपये दे दिए।उसके बाद भी पैसे की डिमांड होने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की। तत्काल सक्रिय हुई पुलिस ने खाते को होल्ड करा दिया। हालांकि तब तक जालसाज 1.10 लाख रुपये निकाल चुके थे। मामले में पीड़ित पिता की तहरीर पर ओबरा पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति पर धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी की धारा में केस दर्ज किया है।